80 वर्ष की वृद्ध महिला के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने वाले, आरोपी को आजीवन कारावास

सागर। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश सागर के न्यायालय ने 80 साल की वृद्धा के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने वाले आरोपी वीरेन्द्र पिता निरपत आदिवासी को दोषी पाते हुए आजीवन एवं 5 हजार रूपये का अर्थदण्ड से दंडित किया गया। प्रकरण में राज्य शासन की ओर से उप-संचालक (अभियोजन) अनिल कटारे  द्वारा पैरवी की गई। मीडिया प्रभारी ए.डी.पी.ओ. सौरभ डिम्हा ने बताया दिनांक 11.01.2019 को फरियादी ने थाना उपस्थित होकर रिपोर्ट लेख कराई कि उसकी मां जिसकी उम्र 80 साल है खेत पर टपरा बनाकर रहती थी, घटना दिनांक को जब सुवह फरियादी ने जाकर देखा तो उसकी मां मृत अवस्था में पडी थी एवं मुंह से खून निकल रहा था एवं पास में किसी अज्ञात व्यक्ति के जूते डले थे। उक्त रिपोर्ट पर मर्ग कायम कर मृतिका का पी.एम. कराया गया एवं बैंजाइल स्लाइड जप्त कर एफ.एस.एल. सागर को भेजा गया जिसमें वैज्ञानिक अधिकारी द्वारा वैजाइल स्लाइड में मानव शुक्राणु का पाया जाना लेख किया गया। पी.एम. रिपोर्ट एवं एफ.एस.एल. रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान इसी थाने के पाॅक्सो के आरोपी वीरेन्द्र आदिवासी की डी.एन.ए. रिपोर्ट एवं  इस मामले के आरोपी की डी.एन.ए. रिपोर्ट एक ही पाये जाने पर, केन्द्रीय जेल सागर में परीरूद्ध आरोपी वीरेन्द्र आदिवासी को पी.आर. पर लेकर पूछताछ की गयी एवं मामले की जांच की गयी जांच में आरोपी के विरूद्ध अपराध सिद्ध पाये जाने पर प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया विवेचना के दौरान मर्ग इंटीमेशन, नक्सा मौका, एफ.एस.एल परीक्षण रिपोर्ट, डाॅक्टर की क्योरी रिपोर्ट, जप्ती रिपोर्ट, धारा 164 के कथन तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित की गयी। विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उप-संचालक (अभियोजन) अनिल कटारे द्वारा प्रकरण में अभियोजन साक्षियों को परीक्षित कराया व अन्य साक्ष्य को सूक्ष्मता से प्रस्तुत किया गया एवं महत्वपूर्ण तर्क प्रस्तुत किये गये। प्रकरण में सहयोग सहा. जिला अभियोजन अधिकारी सौरभ डिम्हा द्वारा किया गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण के तथ्य परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए व अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी वीरेन्द्र पिता निरपत आदिवासी को दोषी पाते हुए 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रूपये का अर्थदण्ड धारा 376 भादवि में दोषी पाते हुए 14 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000 रूपये का अर्थदण्ड और धारा 302 भादवि में दोषी पाते हुए आजीवन एवं 5000 रूपये का अर्थदण्ड से दंडित किया गया। प्रकरण में यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि पूर्व में आरोपी वीरेन्द्र आदिवासी को थाना सानौधा के अपराध  पाॅक्सो में विशेष न्यायालय (पाॅक्सो) द्वारा आरोपी को मृत्यूदंड से दंडित किया गया था। 

8 साल की मासूम से छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को 5 वर्ष का सश्रम कारावास

सागर। द्वितीय विशेष अपर सत्र न्यायाधीश प्रशांत निगम  खुरई जिला सागर के न्यायालय ने मासूम से छेड़छाड़ करने वाले आरोपी डब्बू उर्फ प्रमोद को दोषी पाते हुए 5 साल का सश्रम कारावास व 1000 रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। राज्य शासन की ओर से वरिष्ठ सहा. जिला अभियोजन अधिकारी त्रिलोक राज शास्त्री, खुरई ने शासन का पक्ष रखा। लोक अभियोजन मीडिया प्रभारी सौरभ डिम्हा ए.डी.पी.ओ. ने बताया कि पीड़िता की माँ ने दिनांक 11.09.2020 को थाना उपस्थित होकर इस आशय का आवेदन दिया कि दिनांक 10.09. 2020 को शाम करीब 4:00 बजे जब वह घर का काम कर रही थी, उसके पति घर से बाहर गए थे और उसकी बेटी घर के बाहर बने चबूतरे पर खेल रही थी तो थोड़ी देर बाद उसे बेटी के चिल्लाने की आवाज आई, बाहर जाकर देखा तो बेटी रो रही थी और उसने बताया कि उसे   आरोपी डब्बू पालीवाल पशु बांधने की जगह (सार) ले गया था और उसके साथ छेड़खानी कर रहा था। जब पीड़िता की मां सार में गयी तो आरोपी उसे देख वहाँ से भाग गया एवं पीड़िता का पेंट भी वही डला मिला। उक्त घटना के बारे में फरियादिया ने अपने पति को बताया और उक्त घटना की रिपोर्ट करने थाना उपस्थित हुयी।  उक्त रिपोर्ट पर से थाना खुरई ग्रामीण में अपराध धारा 354 भादवि एवं धारा 10 पॉस्को एक्ट  के अंतर्गत पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना दौरान आरोपी को गिरफ़्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।   विवेचना के दौरान साक्ष्य एकत्रित किए गए।   विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।   न्यायालय के समक्ष अभियोजन अधिकारी ने महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत कियें एवं प्रकरण के अभियुक्त को धारा 354 भादवि एवं धारा 10 पॉक्सो एक्ट में संदेह से परे प्रमाणित कराया। न्यायालय द्वारा उक्त प्रकरण के तथ्य परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए एवं अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी डब्बू उर्फ प्रमोद पालीवाल को धारा 354 भादवि, धारा 10 पॉक्सो एक्ट में दोषी पाते हुए 05 साल का सश्रम कारावास व 1000 रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

दुष्कर्म करने वाले आरोपी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास

सागर। पीड़िता के साथ हुए दुष्कर्म मामले में न्यायालय का फैसला आ चुका है जिसमें आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश अनिल चौहान के न्यायालय ने आरोपी पप्पू  पिता नन्ना चढ़ार निवासी थाना भानगढ़, को धारा 376(1) भादवि में दोषी पाते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास व 5000 रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। राज्य शासन की ओर से अपर/विशेष लोक अभियोजक डी. के. मालवीय  ने शासन का पक्ष रखा। घटना दिनांक 18 अगस्त 2018 को फरियादिया अपने खेत पर घास काटने के लिए गई थी तभी आरोपी पप्पू आया और उसने उसकी आंखें बंद कर दी और महिला के साथ दुष्कर्म करने लगा। फरियादिया की  चिल्लाने की आवाज सुनकर पास में काम करने वाले व्यक्ति को आते देख आरोपी वहां से भाग गया। उक्त घटना के बारे में पीड़ित महिला ने अपने पति को बताया और अपने पति के साथ थाना भानगढ़ उपस्थित होकर लेखीय आवेदन प्रस्तुत किया। उक्त आवेदन के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। आरोपी पप्पू चढ़ार को गिरफ्तार किया गया और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में परीक्षण के दौरान अभियोजन अधिकारी ने 12 अभियोजन साक्षियों की साक्ष्य कराई एवं महत्वपूर्ण तर्क प्रस्तुत कियें एवं प्रकरण के अभियुक्त को धारा 376(1) भादवि के विरूद्ध संदेह से परे प्रमाणित किया। 

नावालिग छेड़छाड़ करने वाला आरोपी कठोर कारावास एवं अर्थदण्ड से दंडित

सागर। न्यायालय-श्रीमति नीलू संजीव श्रृंगीऋषि नवम अपर सत्र न्यायाधीश सागर के न्यायालय द्वारा आरोपी संजू जाटव पिता बलराम उम्र 22 साल निवासी बंगरा थाना माधवगढ जिला जालौन उ.प्र. को धारा 354ए भादवि में 03 माह 10 दिन के सश्रम कारावास व 5000 रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। राज्य शासन की ओर से सहा0 जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती रिपा जैन ने शासन का पक्ष रखा।घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि पीड़ित/अभियोक्त्री जोकि नाबालिग है ने दिनांक 10.01.2018 को पुलिस थाना मोतीनगर सागर में इस आषय की सूचना दी कि वह शांम 07 बजे अपने घर से सामान लेने के लिए जा थी, तभी आरोपी संजू जाटव आया और आरोपी संजू ने बुरी नियत से उसका हाथ पकड़ लिया और उसके साथ छेड़छाड़ करने लगा। अभियोक्त्री के चिल्लाने से आसपास के लोग आ गये जिसे देख आरोपी भाग गया। अभियोक्त्री ने घटना के बारे में अपनी मां को बताया। उक्त रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के विरूद्ध धारा 354ए 341 भादवि एवं धारा 11/12 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम-2012 के तहत प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया गया। आरोपी संजू जाटव को गिरफ्तार किया गया और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में अभियोजन अधिकारी ने महत्वपूर्ण तर्क प्रस्तुत कियें। न्यायालय द्वारा प्रकरण के तथ्य परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए एवं अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी संजू जाटव पिता बलराम उम्र 22 साल निवासी बंगरा थाना माधवगढ जिला जालौन उ.प्र. को धारा 354ए भादवि में 03 माह 10 दिन के सश्रम कारावास व 5000 रूपए के अर्थदण्ड दण्डित किया गया।

20 वर्ष पुराने प्रकरण में आरोपी को सश्रम कारावास

सागर। 20 साल पुराने प्रकरण में न्यायालय हेमन्त सविता न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, बण्डा जिला सागर के न्यायालय ने आरोपी सीताराम पिता रामदयाल पटैल उम्र 48 साल को धारा 323,324,325,34 भादवि  में दोषसिद्ध पाते हुए 02 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500 रूप्ये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया। मध्य प्रदेश शासन की ओर से पैरवी सहा. लोक अभियोजन अधिकारी शरद यादव बण्डा ने की।  घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि फरियादी दिनांक 27.03.2000 को दिन के करीब 12 बजे सरकारी नल पर जानवरों को पानी पिलाने के लिए गया था वही पर आरोपी सीताराम गाली देने लगा जब फरियादी ने गालियां देने से मना किया तो आरोपी ने कतरना मारा जो उसे सिर में लगा जिससे फरियादी को चोट कारित होने पर वह चिल्लाया तो उसके माता-पिता बीचबचाव करने आ गये, आरोपी ने उनके साथ भी मारपीट कर दी जिससे उन्हे भी चोट कारित हुई। उक्त घटना की रिपोर्ट फरियादी ने थाना बण्डा मे दर्ज कराई। थाना बण्डा ने प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया। विवेचना पूर्ण कर अभियेाग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जहां अभियोजन ने मामले में आयी साक्ष्य को सूक्ष्मता से प्रस्तुत किया एवं महत्वपूर्ण तर्क प्रस्तुत किये। न्यायालय द्वारा उभय पक्ष को सुना गया जिसमें आरोपी सीताराम पिता रामदयाल पटैल उम्र 48 साल निवासी बण्डा जिला सागर को धारा 323,324,325 भादवि में दोषसिद्ध पाया गया। धारा 323/34 भादवि में 03 माह का सश्रम कारावास एवं 300 रूपये का अर्थदण्ड, धारा 324/34 भादवि में 06 माह का सश्रम कारावास एवं 300 रूपये का अर्थदण्ड एवं धारा 325/34 भादवि में 02 साल का सश्रम कारावास एवं 500 रूपये का अर्थदण्ड से दंडित किया गया। 

नाबालिग को डरा-धमका के दुष्कर्म करने वाले आरोपी की जमानत खारिज

सागर। न्यायालय- श्रीमती नीलू संजीव श्रृंगीऋषि विशेष न्यायाधीश/नवम अपर सत्र न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट सागर के न्यायालय ने आरोपी नीरज पिता रतन लाल अहिरवार उम्र 20 साल निवासी सिविल लाईन सागर जिला सागर का जमानत का आवेदन को निरस्त करने का आदेश दिया गया। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जमानत आवेदन पर राज्य शासन की ओर से वरिष्ठ सहा0 जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती रिपा जैन, सागर ने शासन का पक्ष रखा। घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि थाना सिविल लाईन को अस्पातल से मेमों प्राप्त होने पर जिला अस्पताल सागर हमराह महिला स्टाफ सहित पीडिता एवं उसकी माॅ के कथन एवं पीडिता की मेडीकल रिपोर्ट पर से आरोपी नीरज पिता रतनलाल के विरूद्ध अपराध धारा 376,506 भादवि एवं पाक्सो एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पीडिता ने कथनों में बताया कि उसकी उम्र 14 वर्ष है उसके पिता 5-6 साल पहले खत्म हो गये थे। संक्रांति के समय करीब शांम 07 बजे घर पर कोई नही था आरोपी नीरज आया और पीडिता को किसी काम के बहाने उसके साथ उसके घर जाने के लिये कहने लगा। पीडिता आरोपी की बातो में आकर उसके साथ उसके घर चली गयी तो आरोपी ने जबरदस्ती नाबालिग को जमीन पर गिरा दिया और उसके साथ गलत काम किया तथा बोला कि किसी को बताया तो जान से खत्म कर देगा। पीडिता डर गयी और किसी को कुछ नही बताया। करीब 4-5 दिन बाद आरोपी नीरज ने पुनः पीडिता को डरा धमका कर उसके साथ गलत काम किया। ऐसे ही आरोपी ने कई बार गलत काम किया। करीब 5 माह बाद जब पीडिता को पेट से संबंधित समस्या हुई तो पीडिता ने अपनी माॅ को घटना के बारे में बताया और अस्पताल जाॅच कराने गयी। विवेचना में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।  आरोपी के अधिवक्ता ने जमानत आवेदन न्यायालय में प्रस्तुत किया। जहां अभियोजन ने जमानत आवेदन का विरोध किया। न्यायालय द्वारा उभय पक्ष को सुना गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण के तथ्य परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए व अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी नीरज अहिरवार का प्रस्तुत  जमानत हेतु धारा 439 दप्रसं का आवेदन निरस्त कर दिया गया। 

मानव तस्करी पर तीन दिवसीय बेबीनार का आयोजन

सागर। पुलिस अधीक्षक पीटीसी राजीव मिश्रा द्वारा बताया गया कि 5 अक्टूबर 2020 से 7 अक्टूबर 2020 तक पुलिस प्रशिक्षण शाला सागर में मानव तस्करी विषय पर वेबीनार का आयोजन किया जा रहा है जिसका उद्घाटन विशेष पुलिस महानिदेशक श्रीमती अरुणा मोहन राव द्वारा किया जाना है। इसके प्रथम सत्र में श्रीमती सुनिथा कृष्णनन (पदम श्री पुरस्कार विजेता) द्वारा व्याख्यान दिया जाना है। श्रीमती सुनिथा कृष्णनन द्वारा हजारों बच्चियों और महिलाओं को मानव तस्करी के अपराध से  बचाया है, इनकी संस्था प्रज्ज्वला फाउंडेशन द्वारा भारत का सबसे बड़ा पुनर्वास केंद्र हैदराबाद में संचालित किया जा रहा है। दिनांक 6 अक्टूबर 2020 को व्याख्यान द्वारा योगेश पंडित (साइबर एक्सपर्ट) द्वारा मानव तस्करी के अपराध में संचार माध्यमों की भूमिका पर प्रकाश डाला जाएगा। दिनांक 7 अक्टूबर 2020 को नीतेश कृष्णन (डीपीओ मंदसौर) एवं अभिषेक बुंदेला (एडीपीओ पीटीसी सागर) द्वारा मानव तस्करी के अपराध के नवीनतम कानूनी संशोधन, उन्नत विवेचना, केस स्टडी पर व्याख्यान दिया जाएगा। इस वेबीनार में मध्य प्रदेश के समस्त जिलों के सहायक उपनिरीक्षक से उप पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी एवं कर्मचारी सम्मिलित होंगे।

अभियोजन अधिकारियों को गृह मंत्री करेगे सम्मानित

सागर। महानिदेशक/संचालक म.प्र.पुरूषोत्‍तम शर्मा, लोक अभियोजन द्वारा प्रदेश के जिला लोक अभियोजन अधिकारी महोदयों की  सिसका वेबएक्स के माध्यम से बैठक आयोजित की गयी जिसमे सागर जिला लोक अभियोजन अधिकारी राजीव रूसिया उपस्थित रहे।अभियोजन मीडिया प्रभारी सौरभ डिम्हा ने बताया कि संचालक/महानिदेशक महोदय द्वारा प्रदेश के DPO महोदय की vc के माध्यम से बैठक ली गई जिसमे जिला अभियोजन कार्यालय की साज सज्जा व बेहतर रख रखाव को लेकर जिला  सागर की तारीफ की गई एवं अन्य जिलों के DPO महोदय को भी उक्त जिला से प्रेरणा लेने हेतु निर्देश दिये। कार्यालयों में सार्थक एप से होने वाली  उपस्थिति पर चर्चा हुई। संचालक ने बताया कि प्रतिमाह DPO महोदय एवं विभिन्न राज्य समन्वय के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की जावेगी एवं विभिन्न विषयों पर वर्कशाप आयोजित करने के निर्देश दिए गए।प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को गृहमंत्री से सम्मानित कराया जाएगा। अभियोजन विभाग का स्वयं का ट्रेनिंग सेंटर भवन का निर्माण शीघ्र ही किये जाने की भी जानकारी दी।

अबोध बालिका से दुष्कृत्य करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास से किया दंडित

सागर। जघन्य एवं सनसनीखेज मामले में विशेष न्यायाधीश/नवम् अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती नीलू संजीव श्रृंगीऋषि, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012, सागर ने नावालिग से दुष्कृत्य करने वाले आरोपी मुकेश साहू पिता रतिराम साहू उम्र 23 वर्ष निवासी थाना गोपालगंज जिला सागर को धारा 376(ए)(बी) भादवि में दोषी पातेे हुए सश्रम आजीवन कारावास एवं 2000 रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया। प्रकरण में राज्य शासन की ओर से पैरवी उप-संचालक (अभियोजन) अनिल  कटारे  द्वारा की गयी। घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि पीडिता (नाबालिग) जिसकी उम्र 10 साल है दिनांक 11.01.2019 को अपनी माॅ के साथ थाना गोपालगंज में लेखीय आवेदन प्रस्तुत किया कि दिनांक 10.01.2019 को नाबालिग की माॅ एवं दादी बाजार गयी थी, भाई एवं बहिन बाहर खेल रहे थे।  दोपहर करीब 03 बजे पीडिता अपनी बडी मम्मी के घर से टी.वी. देकर आ रही थी। तभी आरोपी मुकेश आया और उसे अपने घर चलने के लिए कहा। नाबालिग, आरोपी के साथ उसके घर चली गयी। आरोपी ने (नाबालिग) पीडिता को कमरे में बंद करके उसके साथ गलत काम करने लगा और घमकी दी कि अगर चिल्लाई तो जान से खत्म कर दूंगा। पीडिता चिल्लाने लगी तो उसके परिवार के अन्य सदस्य वहां आ गये तो आरोपी ने नाबालिग को छोड दिया। उक्त घटना के बारे में पीडिता ने अपनी माॅ को बताया। लेखीय आवेदन के आधार पर थाना गोपालगंज में प्रकरण अंतर्गत धारा 376(ए)(बी), 376(2)(एच), 506 भाग 2 भादवि एवं 5(एम), 5(एन), 6 पाॅक्सो एक्ट 2012 पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र आरोपी के विरूद्ध न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन द्वारा मामले में 13 अभियोजन साक्षियों को न्यायालय में परीक्षित कराया गया एवं मामले से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेजों को प्रमाणित कराया गया। उप-संचालक अनिल कटारे द्वारा मामले में लिखित बहस भी प्रस्तुत की गयी।  न्यायालय के समक्ष साक्ष्यों को सूक्ष्मता से प्रस्तुत किया गया। मामले में आयी साक्ष्य के आधार पर एवं अभियोजन के तर्को से सहमत होकर विशेष न्यायाधीश/नवम् अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती नीलू संजीव श्रृंगीऋषि, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012, सागर की अदालत ने आरोपी मुकेश साहू धारा 376(ए)(बी) भादवि में दोषी पातेे हुए सश्रम आजीवन कारावास एवं 2000 रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया।

संचालक लोक अभियोजन द्वारा एडीपीओ अमित कुमार जैन को किया सम्मानित

सागर। संचालक लोक अभियोजन म.प्र. पुरूषोत्तम शर्मा द्वारा सागर जिले में पदस्थ सहा. जिला लोक अभियोजन अधिकारी/संभागीय जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार जैन को स्थानीय प्रशासन के साथ बेहतर समंवय स्थापित कर जिला अभियोजन कार्यालय सागर हेतु उपयुक्त कार्यालय भवन आवंटित करवा कर भवन के सौंदर्य एवं नवीनीकरण हेतु विशेष प्रयास किये जाने के फलस्वरूप प्रशंसा पत्र प्रदान किया है। श्री जैन के द्वारा किये गये विशेष प्रयासों के कारण सागर अभियोजन कार्यालय को एक सुविधाजनक भवन कलेक्टर द्वारा आवंटित किया गया है। श्री जैन को प्रशंसा पत्र दिये जाने पर उप-संचालक (अभियोजन) सागर अनिल कुमार कटारे एवं डीपीओ राजीव रूसिया सहित सभी अभियोजन अधिकारी एवं कर्मचारियों ने बधाई प्रेषित की।