अंधे कत्ल का हुआ पर्दाफाश, बेटा ही निकला अपने पिता का हत्यारा

गुना ।  जिले के म्याना थाना क्षैत्रांतर्गत 2 अगस्त को ग्राम सुताई मे डाँ. सचिन सोनी एवं डाँ अनुपम चौधरी के कृषिफार्म पर बनी टपरिया मे उनके बटियादार भागीरथ कुशवाह की खून से सनी लाश पडी होने की सूचना म्याना पुलिस को मिली थाना प्रभारी म्याना तत्काल घटना स्थल पर पहुंचे एवं घटना से पुलिस अधीक्षक अवगत कराया। उक्त घटना पर से म्याना थानेमे पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया। म्याना थाना प्रभारी आमोद सिंह राठौर द्वारा लाश एवं घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाये गये। प्रारंभिक परीक्षण मे मृतक के सिर मे गंभीर चोट पहुंचाकर हत्या करना पाया गया। पुलिस द्वारा मृतक का पीएम कराया जाकर मामले की विवेचना प्रारंभ की गई । हत्या के इस प्रकरण मे पुलिस द्वारा गहन विवेचना की  गई एवं संदेह के दायरे मे आने वाले सभी व्यक्तियों से कडी पूंछताछ की गई। पुलिस द्वारा की गई पूंछताछ मे पुलिस के शक की सुई मृतक के बडे पुत्र भोला कुशवाह पर गई और विगत 26 अक्टुबर को म्याना थाना प्रभारी आमोद सिंह राठौर एवं उनकी टीम द्वारा भोला कुशवाह को हिरासत मे लेकर हत्या के संबंध मे पूंछताछ की गई तो वह पहले तो पुलिस को गुमराह करता रहा लेकिन जब पुलिस द्वारा उसे घटना से संबंधित उसके कुछ साक्ष्य दिखाये गये तो वह टूट गया और अपने पिता मृतक भागीरथ कुशवाह की हत्या का सारा राज उगल दिया जिसने बताया कि उसके मृतक पिता द्वारा 30 जुलाई को उसकी पत्नि का हाथ पकडकर गलत काम करने के लिये बोला गया था यह बात जब पत्नि द्वारा मुझे बताई गई तो उसे अपने पिता पर बहुत गुस्सा आया और उसी समय अपने पिता को  जान से मारने की सोच ली थी। और वह 2 अगस्त की सुबह सकतपुर से ग्राम सुताई स्थित बंटाई वाले खेत  पर पहुंचा जहां उसके पिता टपरिया मे रोटी बना रहे थे मैने टपरिया के बाहर रखी  कुल्हाडी को उठाकर पिता के सिर मे उल्टी कुल्हाडी मारी जिससे पिता की मृत्यु हो गई और इसके बाद वहां से वह अपने घर ग्राम सकतपुर आ गया था।

अंधे कत्ल का हुआ पर्दाफाश, लूट करने के उद्देश्य से की थी हत्या

गुना । फतेहगढ़ पुलिस ने 29 जुलाई को  हुये अंधे कत्ल का पर्दाफाश करते हुये दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है । मामला 29 जुलाई को  ढिमरपुरा के जंगल में पेड़ से बंधी हुई मिली लाश का है । जिसे फतेहगढ़ पुलिस ने सुलझा लिया । जंगल मे पेड़ से बंधी हुई लाश मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी । लाश की शिनाख्त करने पर उसकी पहचान वीरेंद्र सहरिया ग्राम कोटरामुंडी थाना म्याना के रूप में हुई थी ।  मामले को पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा ने गंभीरता से लेकर फतेहगढ़ थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह बुंदेला को जंगल मे मिले वीरेन्द्र के शब की गुत्थी शीघ्र सुलझाने निर्देशित किया जिसे लेकर फतेहगढ़ थाना प्रभारी ने विवेचना प्रारंभ की इसी दोरांत फतेहगढ़ थाना प्रभारी को मुखबिर से सूचना मिली कि घटना के दिन विसनबाड़ा निवासी लक्ष्मण धाकड़ एक अन्य व्यक्ति के साथ ढीमरपुरा के जंगलों में देखा गया एवं घटना के दिन से अपने घर से गायब है और आज ही घर बापस लौटा है व कुछ देर पहले जौहरी गाँव की तरफ गया है । सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ जौहरी पहुंचे तो पुलिस को देखकर आरोपी वहाँ से जाने लगा जिसे पुलिस टीम ने घेराबंदी कर पकड़ लिया गया । पुलिस ने आरोपी को अपनी अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल करते हुये बताया कि वह उसके साथी महावीर सपेरा के साथ जंगल में थे तभी वहां से एक व्यक्ति मोटरसाइकिल से निकल रहा था जिसे रोककर उन्होंने उसके साथ लूट की और पेड़ से बांधकर गला दवाकर उसकी हत्या कर दी थी । हत्या करने के बाद वह दोनों राजस्थान चले गये थे । वह आज ही लौटा है और उसका साथी महावीर अपने सौतेले भाई के घर भबरगढ़ में रुका हुआ है और लूटी हुई मोटरसाइकिल भी उसके पास है । इसके बाद पुलिस टीम महावीर को लेने भबरगढ़ पहुँचे जहाँ उसे भी घेराबंदी कर पकड़ लिया गया पूछताछ करने पर उसने भी अपना जुर्म कबूल किया । पुलिस ने आरोपी महावीर सपेरा से लूटी गई मोटरसाइकिल ओर बैंक के कागजात बरामद किए । इस घटनाक्रम का खुलासा करने में फतेहगढ़ थाना प्रभारी गजेन्द्र सिंह बुंदेला के साथ उनकी टीम के सह उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह रघुबंशी, प्रेमपाल सिकरवार, प्रधान आरक्षक भगवान लाल जौहर, आरक्षक अजेंन्द्र पाल , शुभाष यादव, वालस्वरूप धाकड़, सुनील लोधी, लखन सिंग, कुलदीप भदौरिया व सैनिक अशोक मीना की भूमिका रही है । 

अंधे कत्ल का हुआ पर्दाफाश, चरित्र की शंका के चलते की गई हत्या, 35 बर्षीय महिला की हत्या कर पार्वती नदी में फेंक दी थी लाश

गुना । 20 जुलाई को ग्राम इमलिया के पास पार्वती नदी में अज्ञात महिला की लाश पड़ी होने के संबंध में सूचना पुलिस को प्राप्त हुई थी। सूचना पर से तत्काल थाना प्रभारी धरनावदा, चौकी प्रभारी झागर मय बल के मौके पर पहुंचे एवं मृतिका की लाश को नदी में से निकल वाया तो महिला के दोंनों पैर उसकी साड़ी से बंधे होकर पैरें में एक बड़ा पत्थर बंधा हुआ था। मृतिका की शिनाख्तगी कराने पर  उसकी पहचान संगीता पत्नि वृजेश यादव उम्र 35 साल निवासी ग्राम रत्नागिर थाना धरनावदा के रूप में हुई। घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारीगण भी मौके पर पहुंचे व घटना स्थल का वारीकी से निरीक्षण किया। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत होने से घटना की गंभीरता से लेते हुये पुलिस अधीक्षक गुना राहुलकुमार लोढा द्वारा थाना प्रभारी धरनावदा उनि नीरज विरथरे को घटना का खुलासा कर आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने के निर्देश दिये गये। प्राप्त निर्देशानुसार थाना प्रभारी धरनावदा द्वारा एसडीओपी राघोगढ़ बी.पी. तिवारी के मार्ग दर्शन में अपनी टीम के साथ सूक्ष्मतः से जांच प्रारंभ की गई। मृतका के ससुराल ग्राम रत्नागिर स्थित घर पर जाकर उसके परिजनों को तलाश किया तो घर से सभी लोग गायब होना पाये गये। मृतिका के ससुराल पक्ष के लोगों का घर से गायब होने एवं मृतिका के मायके पक्ष के लोगों द्वारा ससुराल पक्ष पर हत्या करने का शक जाहिर करने से मृतिका पति एवं अन्य परिजनों की लगातार तलाश की गई। इसी क्रम में आज मृतिका के पति वृजेश यादव के रूठियाई रेलवे स्टेशन पर होने की सूचना मुखविर द्वारा प्राप्त हुई तो तत्काल पुलिस टीम मौके पर पहुंची एवं बृजेश यादव को घेराबंदी कर अभिरक्षा में ले लिया तथा उसने पूछताछ पर बताया कि संगीता के चरित्र (चाल-चलन) पर शंका होने पर मेरे द्वारा उसे समझाने के दौरान वह मुझसे मुंहबाद करने लगी तो मैने अपने परिवार के लोगों के साथ मिलकर उसकी डंडे से मारपीट कर लाश को ट्राली में रख पार्वती नदी में ले जाकर फेंक दिया था। इस अंधे कत्ल का शीघ्र खुलासा करने में एसडीओपी चांचौड़ा बी.पी. तिवारी, एफएसएल अधिकारी आरसी अहिरवार के दिशा निर्देशन में थाना प्रभारी धरनावदा एसआई नीरज विरथरे, झागर चौकी प्रभारी एएसआई महेन्द्र सिंह चौहान, एएसआई अशोक दुबे, आर. सीताराम धुर्वे, गोपाल बाबू, आरक्षक दिनेश शर्मा, रामनिवाश शर्मा, रघुकुल तिलक, विवेक रामजीत गुर्जर, आदित्य टुण्डेले, विष्णु गुर्जर की सराहनीय भूमिका रही।