घर मे घुसकर चाकू की नोक पर परिवार के सामने ही चोरों ने दिया चोरी की बारदात को अंजाम

गुना/फतेहगढ़ । फतेहगढ़ थाना अंतर्गत चोरी की घटना सामने आई है जहाँ एक परिवार को चाकू की नोक पर बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट कर चोरी कर ले गये ।
फरियादी चंदन सिंह का कहना है कि करीबन 8 लोग रात लगभग 3:30 बजे घर में घुसे और चाकू लगाकर घर का सारा सामान चुरा कर भाग निकले । बातचीत करने पर चंदन सिंह ने बताया कि घर मे रखे 25 हजार रुपये नगदी मंगलसूत्र महिला के कानों से कुंडल खींच कर ले गए घर की महिलाओं से झुमा जट्टकी की बच्चे और पत्नी को मारने की धमकी देते हुए भाग निकले साथ ही मेरी पत्नी बच्चे सहित सब की मारपीट की अपने घरों में मैं सुरक्षित नहीं है लोग लगातार यह कस्बे में चौथी बार चोरी का मामला है ।

कस्वे में हो रही है चोरी की घटनाये लगातार

फतेहगढ़ कस्बे में पूर्व में भी चोरी की घटनाएं सामने आई है जिसमें एक घर की कुंडी खोल के मोटरसाइकिल मोबाइल और अंगूठी चुरा कर ले गए थे वहीं कस्बे के एक व्यापारी के घर भी कुछ दिनों पहले लाखों की चोरी का मामला सामने आया था । लेकिन इन सभी घटनाओं के चलते पुलिस के हाथ नाकामी ही लगी बारदात को अंजाम देने बाले अपराधी आज भी पुलिस की पकड़ के बाहर है ।

चोरी की घटनाओं से क्षेत्र में डर का माहौल

क्षेत्र में निरंतर हो रही चोरी की घटनाओं से क्षेत्रवासियों में डर का माहौल बना हुआ है लोगों का कहना है कि हम अब आपने घरों में तक बिल्कुल सुरक्षित नहीं है । यदि इस प्रकार चोरों के हौसले बुलंद रहेंगे तो लोग कैसे अपने ही घरों में सुरक्षित रह सकेंगे ।

यह कैसी मोक ड्रिल ?

गुना। जिला मुख्यालय पर जिला न्यायालय में गुना पुलिस द्वारा मॉक ड्रिल की जाकर वाह वाही लूटने का प्रयास किया है । बरसते पानी में जिला न्यायालय में पुलिस पहुंची । सबसे पहले शूटर सेट जहां वकील बैठते हैं उसे खाली कराया गया । पुलिस का प्रदर्शन ऐसा रहा मानो कुछ पल में ही यह दो मंजिला इमारत ढहने वाली हो । इस दौरान मौजूद पुलिस बल के चेहरे पर एक और जहां चिंता की लकीर दिखना चाहिए थी वहां वह मुस्कुराते नजर आए । शूटर सेट खाली कराए जाने पर जब अभिभाषकगण बाहर निकले तो उन्हें वर्षा के पानी में भीगना पड़ा । इस मॉक ड्रिल की कमान पुलिस कप्तान संभाल रहे थे, कई कनिष्ठ स्तर के अधिकारी भी जिम्मेदारी उठा रहे थे ।
हास्यास्पद बात यह रही कि आतंकी हमले से न्यायालय को सुरक्षा देने में पुलिस कितनी मुस्तैद है इसका प्रदर्शन पुलिस ने पक्षकारों और अभिभाषकों के बरसते पानी में भीगने को देख कर, मुस्कुराते हुए किया । यहां यह भी देखने को आया कि पुलिस कप्तान स्वयं निहत्थे मौका स्थल पर पहुंचे थे । उनके साथ चल रहे पुलिस बल के कुछ कर्मी भी निहत्थे ही थे । जब किसी ने सुरक्षा दृष्टि से पुलिस कप्तान को बुलेट प्रूफ जैकेट पहनने की ओर इशारा किया तो उन्होंने मौका स्थल पर ही जैकेट पहनी । यही नहीं मौका स्थल पर ही मांग कर उन्होंने हथियार थामा ।
मॉक ड्रिल में घटनाक्रम इस प्रकार था कि आतंकी चोला पहने व्यक्ति जिला न्यायाधीश और उन्हीं के स्तर के न्यायाधीशों को हथियार के बल पर अपने कब्जे में लेंगे । इस अंजाम तक आतंकी चोला पहने व्यक्ति द्वारा अच्छा प्रदर्शन किया गया ।
यहां प्रश्न यह भी उठ रहा है कि प्रत्येक न्यायालय में एक एक पुलिसकर्मी बतौर पुलिस कार्रवाई पदस्थ रहता है जिसके द्वारा विरोध ना किया जाना उसकी कर्तव्य परायणता को दर्शाता है। जिला जज को सुरक्षा के चलते गनर मिलता है । उसके द्वारा भी कोई विरोध न किया जाना उसकी कार्यप्रणाली को दर्शाता है । बिना शर्त आतंकियों का चोला पहने व्यक्तियों का पुलिस द्वारा दबोचा जाना भी हास्यास्पद प्रकट होता है ।
ऐसा लगा कि बिना तैयारी के ही मॉक ड्रिल की गई । जब एक ओर न्यायालय परिसर से सारे वकीलों को बाहर किया गया वहीं न्यायालय कक्षों में बैठे अन्य कर्मचारी व न्यायाधीश वहां बिना सुरक्षा मिले कार्य करते देखे गए तभी बुद्धिजीवी लोग समझ गए थे कि यह पुलिस दिखावा कर रही है ।
सबसे बड़ी बात यह रही जो पक्षकार अपनी तारीख पेशी पर आए थे वह पुलिस द्वारा खदेड़ दिए जाने के उपरांत तारीख पेशी पर उपस्थित नहीं हो सके । परिणामत: उनकी चिंता और परेशानी उनके चेहरे पर दिख रही थी । बरसते पानी में बाहर निकाले जाने से अभिभाषकगण जो भी थे उन्हें अपना कार्य करने में परेशानी आई । पुलिस की मॉक ड्रिल लंच टाइम तक चली । कुछ अचंभित थे तो कुछ दहशत में थे । मॉक ड्रिल के लिए पुलिस द्वारा जो स्थान चुना गया और जो समय चुना गया वह तो नगर में दहशत फैलाने के सिवाय और कुछ नहीं साबित हुआ । यह तो बिना तैयारी के मॉक ड्रिल को अंजाम देना और जनसामान्य को परेशान करने वाली बात की छाप जनमानस को लगी है ।

वाहन चोरी पर लगाम नहीं

गुना न्यायालय परिसर में सुरक्षा दृष्टि से पुलिस कितनी मुस्तैद है इसका अंदाजा यहां होने वाली वाहन चोरियों से लगाया जा सकता है । यह सनद रहे कि न्यायालय परिसर से दुपहिया वाहनों की चोरी होना आम बात हो गई है । चोरी की रिपोर्ट भी क्षेत्रीय थाने में बमुश्किल लिखी जाती है । जिनकी रिपोर्ट अब तक लिखी गई है उनमें से किसी भी चोर को पकड़ने में पुलिस सफल नहीं हुई है ।

पेड़ पर लटके मिले प्रेमी जोड़े के शव


ग्वालियर। जिले में एक दिल दलहाने वाला मामला समाने आया है। जहां बिजौली थाना क्षेत्र के विजयगढ़ गांव के खेतों में एक प्रेमी युगल की लाश नीम के पेड़ से लटकी मिली है। आनन-फानन में इसकी सूचना गांव के लोगों ने पुलिस को दी है। जिसके बाद पुलिस देर रात दोनों की डेड बॉडी को पेड़ से उतार लिया गया है। साथ ही पुलिस ने अपनी जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक विजयगढ़ के रहने वाले अरूण जाटव और संध्या जाटव दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे। लेकिन इनकी मोहब्बत घर वालों को मंजूर नही थी। जिसके कारण दोनों एक महीने पहले घर से भाग गए थे। जिसके चलते बिजौली थाना पुलिस ने अरूण के खिलाफ अपहरण का मामला भी दर्ज कर लिया था।
इस दौरान दोनों राजमंदी से अपने घर वापस आ गए। लेकिन परिवार वाले दोनों की शादी करवाने के लिए राजी नही हुए। जिसके बाद आज शाम के वक्त दोनों की लाश घर से दो किलोमीटर दूर एक नीम के पेड़ में लटकी मिली है। फिलहाल पुलिस ये कहने की स्थिति में नही है, कि ये मामला ऑनर किलिंग का है या फिर दोनों ने आत्महत्या कर ली है।

दहेज एक्ट मामले में कोतवाली पुलिस ने पकड़े 5 स्थाई वारंटी

गुना । दहेज एक्ट में न्यायालय से फरार चल रहे बजरंगगढ़ के रहने वाले बसोड़ परिवार के 5 सदस्यों को आज बस स्टैंड के पास से पकड़ लिया गया । इन सभी पर दहेज एक्ट का मामला चल रहा था जो कि 5 वर्ष पहले धारा 498 आईपीसी के तहत दर्ज किया गया था जिसमे यह सभी 5 वर्षों से प्रकरण क्रमांक 1326/14 में न्यायालय से फरार चल रहे थे । पकड़े गये पाँचो आरोपियों के नाम सुनील पुत्र रामचरण बसोड उम्र 31 साल अनिल पुत्र रामचरण उम्र 28 साल काशीबाई पत्नी रामचरण उम्र 51 साल भैरो पुत्र मटरू उम्र 40 साल रामचरण पुत्र मटरू बसोड उम्र 55 साल बताये जा रहे है जिन्हें सोमवार को सूचना के आधार पर बस स्टैंड से थाना कोतवाली के आरक्षक 335 सूर्येन्द्र मिश्रा ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया ।

सुरक्षा व्यवस्था जांचने के लिए पुलिस की हुई माॅक ड्रिल

गुना । दोपहर में जिला अदालत में घुसे तीन से चार नकाबपोश आतंकवादियों ने बंदूक की नोंक पर जिला न्यायधीश सहित अन्य न्यायाधीशो को बंदूक की नोंक पर बंधक बना लिया। सूचना मिलते ही हाईअलर्ट पर आई पुलिस ने अदालत को चारों ओर से घेर लिया। वकीलों और मुवक्किलों को कोर्ट से बाहर करने के बाद पुलिस ने अपना सर्चिंग ऑपरेशन चलाया। इसके बाद पुलिस ने तीनों आतंकवादियों को धरदबोचा। जिला अदालत में हुई इस घटना ने पूरे शहर में दहशत फैला दी। लेकिन यह कोई आतंकी वारदात नहीं बल्कि सुरक्षा व्यवस्था जांचने के लिए पुलिस की माॅक ड्रिल थी। माॅक ड्रिल की खबर पहले से किसी को नहीं दी गई थी। लिहाजा एसपी राहुल लोढा की अगुवाई में जैसे ही भारी पुलिस फोर्स अदालत में दाखिल हुआ। वकीलों और पक्षकारों में मानो हडकंप मच गया। माॅक ड्रिल का अंदाजा उन पक्षकारों को भी नहीं था, जो दूरदराज के क्षेत्रों से पेशी पर आए थे। पुलिस को एक्षन मोड पर देखकर कई पक्षकार तो जान बचाकर यहां भाग गए। जबकि अन्य पक्षकारों को पुलिस ने अदालत से बाहर निकाल दिया।

ठेकेदारों पर दबाव बना कर गलत काम कराते हैं सलूजा कारोबारी ने हलफनामे में लिखा 25% से अधिक कमीशन वसूला जाता है

गुना। नगरपालिका के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह सलूजा द्वारा ठेकेदारों पर अपना राजनैतिक दबाव बना कर गलत काम कराया जाता है तथा निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जाकर गुना नगरपालिका द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की संपूर्ण लागत का 25% से अधिक का कमीशन वसूला जा रहा है, जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता संदिग्धता की श्रेणी में आती है।
यह आरोप शहर के जाने-माने टिम्बर मर्चेंट और साठ साल पुरानी महालक्ष्मी आरा मशीन एण्ड फर्नीचर मार्ट के पार्टनर संजीव कुमार मंगल ने हाईकोर्ट में प्रस्तुत किए जा रहे एक हलफनामे में लगाए हैं। स्टाम्प पेपर पर बायायदा नोटरी किए इस हलफनामे में संजीव ने बताया है कि मैंने नगरपालिका के टेंडर क्रमांक 20988/2192 में अपनी फर्म का टेंडर भरा था जिसमें सिंगल टेंडर होने से नपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह सलूजा ने कहा कि यदि मेरी शर्तें मानो तो वर्क ऑर्डर मिलेगा, शर्त मेरा आदमी आकर बता देगा। बकौल संजीव मेरी खामोशी को सहमति मानकर मुझे वर्क ऑर्डर दे दिया और मेरी फर्म ने उक्त सम्पूर्णू कार्य को पूरा कर भुगतान की मांग की तो नपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह सलूजा ने मुझसे 25% कमीशन मांगा और बिना कमीशन लिए भुगतान से साफ मना कर दिया।
हलफनामे में संजीव ने बताया है कि इसके बाद सलूजा ने धमकाया कि नगरपालिका की प्रक्रिया में उलझा कर वर्क ऑर्डर निरस्त कर दूंगा और डरा धमका कर मुझसे एक लाख रुपए नगद इंजीनियर हरीश श्रीवास्तव ने और डेढ़ लाख रुपए टेकरी मंदिर के नाप पर राजेंद्र सलूजा ने ले लिए।
संजीव मंगल बताते हैं कि इसके बाद भी मेरे काम का पूरा भुगतान नहीं किया तो मैंने प्रशासन व पुलिस से शिकायत की तो राजेंद्र सिंह सलूजा ने मुझ पर दबाव बनाया और धमकियां देकर शिकायतें वापस लेने के लिए जबरदस्ती शपथपत्र ले लिया, और इसके बाद फिर मेरा भुगतान रोक दिया।
इस हलफनामे ने नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
सूत्र बताते हैं कि गुना नगरपालिका के निर्माण कार्यों की दरों में चार सालों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई जबकि जिले के ही विभिन्न निकायों और आसपास के जिलों में वही कार्य कम दरों पर स्वीकृत हुए। अचानक दरें बढ़ाने को कमीशन से जोड़ कर देखा गया। तत्समय सीएमओ पीएस बुंदेला ने भी अध्यक्ष राजेंद्र सिंह सलूजा द्वारा नियमों की अवहेलना कर बिना टेंडर और बिना वर्क ऑर्डर के निर्माण कार्य कराने की रिपोर्ट कलेक्टर को भेजी थी जो दब कर रह गई थी। नगरपालिका में पनपे बेतहाशा भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच खुलकर सामने आए शहर के एक प्रतिष्ठित कारोबारी के इस हलफनामे से माहौल गर्मा गया है।

राज्य शासन ने निरस्त किया नीरज बिरथरे का तबादला अब एक आला अधिकारी को हटवाने की चर्चा

राज्य शासन ने निरस्त किया नीरज बिरथरे का तबादला अब एक आला अधिकारी को हटवाने की चर्चा

गुना। जिले के पुलिस महकमे में हुए बेदाग छवि के अधिकारी कर्मचारियों के तबादलों को लेकर मचे बवाल के बीच राज्य शासन ने चौबीस घंटे में ही अपने आदेश में संशोधन कर सब इंस्पेक्टर नीरज बिरथरे का गुना से अशोकनगर के लिए जारी तबादला आदेश निरस्त कर दिया है। इससे महकमे के ईमानदार अधिकारी कर्मचारियों में खुशी है।
सूत्रों ने बताया कि प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के संपर्क में आए कुछ लोगों ने सरकार बनते ही अपनी रार के चलते महकमें में अपने विरोधियों को जिले से बाहर फिकवाने के दावे करना शुरू कर दिए थे।
कांग्रेस की सरकार बनते ही उक्त लोगों ने चुनाव के दौरान बनी दिग्गज नेताओं से पहचान को गली मोहल्ले में नीलाम कर उसका उपयोग माफिया की तर्ज पर करना शुरू कर दिया और दावों के मुताबिक ट्रांसफर शुरू हो गए।
इससे परेशान कर्मचारियों ने एक एक करके दिग्गज नेताओं को जमीनी हकीकत से रूबरू कराना शुरू किया तो धीरे-धीरे उनकी निगाह में पूरा खेल आने के बाद कई तबादले निरस्त भी हुए। लेकिन जब धरनावदा थाना प्रभारी नीरज बिरथरे का तबादला हुआ तो महकमे के आला अधिकारी भी हतप्रभ रह गए उधर दिग्गज नेताओं को जब ये बात पता चली तो उन्होंने सख्त नाराज़गी जताते हुए चौबीस घंटों में तबादला निरस्त करा दिया। जिससे माफिया को ये दांव उल्टा पड़ गया।
बता दें कि सब इंस्पेक्टर नीरज बिरथरे के खाते में कई उपलब्धियां दर्ज हैं सबसे ज़्यादा इनामी बदमाशों को पकड़ने का रिकार्ड भी उनके नाम है। मोहर सिंह गिरोह सहित कई कुख्यात पारदी उनकी टीम वर्क के चलते जेल की सलाखों में हैं। इस दरम्यान गुना शहर सहित जिले में पारदी गिरोहों की सिलसिलेवार वारदातें भी काबू में रहीं साथ ही पारदियों ने पहले की तरह पुलिस की कार्रवाई पर सवाल भी खड़े नही किए। अवैघ शराब, मवेशी परिवहन और जुआ सट्टे के फड़ भी खुलेआम देखने नहीं मिले।
तेज तर्रार और ईमानदार पुलिस कप्तान राहुल कुमार लोढा व वरिष्ठ अधिकारियों के शानदार मार्गदर्शन में जिले में अपराधों पर लगाम लगी है शायद ये गोरखधंधे बंद होना ही कुछ लोगों को रास नहीं आ रहा।
ऐसे में अच्छे अधिकारी कर्मचारियों का तबादला होना जनता की नज़र में शासन और विभाग की मंशा पर भी सवाल खड़े करता है। इन तबादलों से महकमे के अंदरखाने चर्चा चलने लगी थीं कि गुना में रहना है और ट्रांसफर, विभागीय जांच और शिकायतों से बचना है तो अधिकारियों के आदेश मानने से पहले इन तबादलों के पीछे सक्रिय माफिया को सैल्यूट ठोकने और उनकी तामीरदारी करने में ही भलाई है, जो कि पुलिस में एक समानांतर सिस्टम खड़ा करने में लगे हैं।
चर्चा है कि बेदाग छवि के अधिकारी कर्मचारियों के तबादले निरस्त होने से बौखलाए ट्रांसफर माफिया ने अब किसी भी कीमत पर विभाग के एक आला अधिकारी को हटवाने और अपनी ट्यूनिंग के अधिकारी को लाने के दावे करना शुरू कर दिए हैं, आने वाले दिनों में इन दावों की हकीकत क्या होगी इस पर सबकी नज़र है।

पीसी पीएनडीटी की जिला सलाहकार समिति की बैठक कल

पीसी पीएनडीटी की जिला सलाहकार समिति की बैठक कल

गुना । मुख्‍य चिकित्‍सा एवं जिला स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी डॉ. पी. बुनकर द्वारा दी गई जानकारी अनुसार पीसी पीएनडीटी के अंतर्गत जिला सलाहकार समिति की बैठक 08 जुलाई को शाम 04:00 बजे मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी कार्यालय में आयोजित की जाएगी।
बैठक में नवनीकरण आवेदन सहयोग सोनोग्राफी सेन्‍टर एवं पशु चिकित्‍सालय के आवेदन पर चर्चा की जाएगी और नोडल अधिकारी तथा जिला चिकित्‍सालय के सदस्‍यों को पीसीपीएनडीटी की जानकारी दी जाएगी एवं दौराना सोनोग्राफी सेन्‍टर के संचालन पर चर्चा की जाएगी।

देश को उच्च आर्थिक वृद्धि दर के रास्ते पर लाने का खाका पेश करता है बजट: जेटली

Arun Jaitley Budget

पूर्व वित्त मंत्री अरूण जेटली ने शनिवार को कहा कि 2019-20 का बजट उच्च आर्थिक वृद्धि दर के रास्ते पर देश के लौटने को लेकर रूपरेखा पेश करता है।

नई दिल्ली
पूर्व वित्त मंत्री अरूण जेटली ने शनिवार को कहा कि 2019-20 का बजट उच्च आर्थिक वृद्धि दर के रास्ते पर देश के लौटने को लेकर रूपरेखा पेश करता है। उन्होंने कहा कि बजट इस बात पर आधारित है कि जो अर्थव्यवस्थाएं सूझबूझ वाली राजकोषीय नीतियों का अनुकरण करती हैं, वो राजकोषीय मोर्चे पर लापरवाही करने वालों की तुलना में अंतत: पुरस्कृत होती हैं। 

बजट पेश होने के एक दिन बाद जेटली ने कहा कि एक बुनियादी सवाल हमेशा पूछा जाता रहा है कि अच्छा अर्थशास्त्र और चतुर राजनीति के बीच क्या चुना जाना चाहिए। ‘द बजट 2019-20’ शीर्षक से अपने पोस्ट में उन्होंने कहा, ‘यह विकल्प अनुचित है क्योंकि किसी भी सरकार को बने रहने और प्रदर्शन के लिए दोनों की आवश्यकता होती है। प्रधानमंत्री का पहला कार्यकाल बेहतर अर्थशास्त्र और अच्छी राजनीति के मिश्रण का गवाह रहा है।’ 

जेटली ने कहा कि बजट विकास की आकांक्षा रखने वाले भारत के लिए राजनीतिक दिशा सृजित करता है। मध्यम वर्ग और नव-मध्यम वर्ग के हितों से जुड़ी कई चीजों को प्रोत्साहन दिया गया है। इसमें सस्ता मकान अैर इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हैं। इसके अलावा रोजगार सृजन तथा निवेश आकर्षित करने के लिये बुनियादी ढांचा, निर्माण और रीयल इस्टेट क्षेत्र को भी गति देने के उपाय किये गये हैं। 

जेटली ने आगे कहा, ‘भारत दुनिया में तीव्र आर्थिक वृद्धि वाला बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। पिछली दो-तीन तिमाहियों में वृद्धि नरम हुर्ह है। निश्चित रूप से बजट एक नीति दस्तावेज के रूप में आर्थिक वृद्धि के मोर्चे पर भारत को पटरी पर लाने को लेकर रूपरेखा को रखता है।’ उल्लेखनीय है कि भारत की आर्थिक वृद्धि जनवरी-मार्च तिमाही में घटकर 5 साल के न्यूनतम स्तर 5.8 प्रतिशत रही। पूरे वित्त वर्ष 2018-19 में भी आर्थिक वृद्धि दर भी 5 साल के न्यूनतम स्तर 6.8 प्रतिशत रही। आर्थिक समीक्षा में चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है।