वन अफसरों की लापरवाही के चलते लाखों रुपए के पौधे बन रहे हैं आवारा मवेशियों का चारा ,खबर प्रकाशन के बाद भी नींद से नही जागा वन विभाग

गुना । वन विभाग की लापरवाही और गैरजिम्मेदारी वाला रवैया यह साफ साफ दिखाई दे रहा है जहां सरकार द्वारा लाखों रुपए का बजट वन विभाग को आवंटित कर प्लांटेशन लगवाए गए वही वन विभाग लापरवाही वरत रहा है जिसका नतीजा प्लांटेशनों में आवारा मवेशियों द्वारा प्लांटेशनों में सरेआम सेंध लगाकर पौधों का नष्टीकरण किया जा रहा है । विभाग द्वारा प्लांटेशन तो लगाए गए लेकिन उसकी सुरक्षा के इंतजाम में लापरवाही बरती गई वही जिम्मेदार अधिकारी यह कहने से नहीं चूक रहे की बारिश की वजह से सुरक्षा घेरे मैं मुरम से पूराव हो गया जबकि हकीकत ये है कि वन विभाग ने जो नाली सुरक्षा के लिए खोदी है वो JCB मशीनों से खुदवाई गयी है जबकि बजट में श्रमिको से खुदवाने का प्रावधान है मशीनों से खोदी गयी नाली सही साइज की न होने से मवेशियों के द्वारा आसानी से प्लान्टेसनो की सुरक्षा में सेंध लगाई जा रही है वही एक जिम्मेदार अधिकारी के द्वारा मशीन से नाली खोदने की बात भी स्वीकार की गई है । शारदा एक्सप्रेस द्वारा विगत 2 अक्टूबर को प्रकाशित खबर में प्लांटेशन में सुरक्षा इंतजामात और मवेशियों की घुसपैठ को लेकर खबर का प्रकाशन किया गया था खबर को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से चर्चा भी की गई थी लेकिन उसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी सरकार के लाखों रुपए को पशुओं के पेट का चारा बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं ।
गौरतलब है कि वन मंडल की रेंज गुना दक्षिण के सिंहवासा चक्क , गुना उत्तर में टकनेरा, भिंडरा और सिमरोद , रेंज आरोन के किरर्या एवम बमोरी के रामपुर में कैंपा फंड से पौधारोपण किया गया है । लेकिन पौधारोपण की सुरक्षा को लेकर वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने महज औपचारिकता के लिए प्लांटेशन के चारों ओर नाली खोदकर सुरक्षा इंतजाम किया ताकि मवेशियों का प्रवेश प्लांटेशन के भीतर ना हो सके । आवारा मवेशियों की बढ़ती संख्या को लेकर कोई गहन इंतजाम ना होने पर मवेशी प्लांटेशन में आए दिन अपना उत्पात मचा रहे हैं वही लाखों रुपए के पौधों को अपने पेट का चारा बना रहे हैं प्लांटेशन में तैनात किए गए कर्मचारियों का भी दूर-दूर तक कोई अता पता नहीं रहता है और जिम्मेदार अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पल्ला झाड़ते नजर आते हैं एक तरफ सरकार के द्वारा करोड़ो रुपयो ख़र्च करके पौधरोपण को बढ़ावा दिया जा रहा है वही वन विभाग गुना के द्वारा लाखो पौधों को मवेशियों के चरने के लिए खुला छोड़ दिया गया है मामले को लेकर वनाधिकारियों की बेरुखी व लापरवाही खुलेआम देखी जा रही है हाल ही में रेंजर के संरक्षण में जंगल से सागौन कटवाकर मिलीभगत से फर्नीचर बनवाने का मामला भी मीडिया में सुर्खियों में बना हुआ है जब रक्षक ही भक्षक बनने लगे तो जंगलो का विनाश होना निश्चित है ।

लाखों रूपऐ खर्च करके लगाऐ कैम्पा प्लांटेशन की सुरक्षा में आवारा मवेशी लगा रहे हैं सेंध, पौधों की व्यापक सुरक्षा के लिऐ क्या विभाग कर पाऐगा कोई ठोस इंतजाम

गुना । गुना वनमण्डल में लगातार अवैध कटाई , अवैध उत्खनन ओर अतिक्रमण के मामले सामने आते रहे  किंतु अब वन विभाग की ओर से कराए गए कैम्पा प्लान्टेसनो में गम्भीर अनियमितताएं सामने आ रही है सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार गुना वनमण्डल की रेंज गुना दक्षिण में सिंगवासा चक गुना उत्तर में टकनेरा , भिंडरा ओर सिमरोद व बमोरी में रामपुर में कैम्पा फंड से पौधरोपन किया गया है जब पौधरोपण में अनियमितता की सूचना मिलने पर शारदा एक्सप्रेस की टीम ने प्लान्टेसनो पर जाकर देखा तो पाया कि पौधरोपण की सुरक्षा के लिए तारफेन्सिंग की जगह CPT खोदी गयी है  वही मौके पर मिले ग्रामीण से पूंछताछ करने पर टीम को पता चला कि पौधों की सुरक्षा के लिए जो गहरी नाली खोदी जाती है इसकी वन मुख्यालय से एक निश्चित साइज है जो 1.5×.90×.75 मीटर है जबकि वास्तविकता में देखने पर नाली बहुत सकरी व कम गहराई की खुदी मिली जिससे ग्राम के आवारा मवेशियों की टोली आसानी से प्लान्टेशनो में घुसती हुई दिखाई दी वही आवारा मवेशियों को भगाने के लिए एक अन्य ग्रामीण भागता हुआ दिखाई दिया जब शारदा एक्सप्रेस की टीम के द्वारा उससे जानकारी लेना चाही तो उनके द्वारा अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया गया कि उक्त CPT खुदाई का कार्य JCB मशीन से किया गया है जबकि नियमानुसार उक्त कार्य के लिए श्रमिको को काम मे लगाया जाता है अब मामले में सच क्या है ये तो जांच के बाद सामने आ पायेगा किन्तु इतना स्पष्ट है कि वन अफसरों के द्वारा पौधरोपण की सुरक्षा में बरती जा रही लापरवाही के चलते लाखो के बजट को खर्च कर  किये गए पौधरोपण क्षेत्र में पौधों का नामो निशान मिलना मुश्किल हो जाएगा ।वही इस सम्बंध में चर्चा के लिए गुना रेंजर प्रेमचंद शर्मा से बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि अतिबर्षा के कारण CPT पुर गयी है और आवारा मवेशियों की संख्या अधिक होने से समस्या आ रही है उन्होने कहा कि इसके लिये हमने मुख्यकार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत गुना को पत्र लिखकर ग्राम पंचायत को निर्देशित कर आवारा मवेशियों को गौशाला में पहुंचवाने हेतु लेख किया है दूसरी ओर वारिश खत्म होते ही पुनः CPT को दुरुस्त करवाया जाएगा हमारे बीटगार्ड ओर सुरक्षा श्रमिक लगातार आवारा मवेशियों को प्लान्टेसनो से बाहर भगाते है ।

फतेहगढ़ में रोड किनारे वनभूमि पर अतिक्रमण , ग्रामीणों ने आरोपी को रोका तो वनकर्मी ने किया अभद्र भाषा का प्रयोग

गुना । गुना वनमण्डल की रेंज फतेहगढ़ में रोड किनारे लगे पेड़ो को काटकर वनभूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है रोड के पास ही स्कूल से लगी वनभूमि पर दबंगो के द्वारा पक्का निर्माण करके अतिक्रमण किया जा रहा है ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि उक्त घटना में क्षेत्र के एक दबंग व्यक्ति का हाथ है जिसको वनकर्मियों का संरक्षण मिला हुआ है उक्त व्यक्ति अतिक्रमण करवाकर गरीव भोले भाले लोगों को पैसे लेकर वनभूमि पर कब्जा देता है l ग्रामीणों के द्वारा बार बार रेंज बालो से शिकायत की गई है किंतु समाधान न होने से अब ग्रामीणों के द्वारा पैसे लेकर काम करने के आरोप वन अमले पर लगाये जाने लगे है वही मामले में जब ग्रामीणों के द्वारा आरोपियों को अतिक्रमण करने से रोककर बनकर्मी को मौके पर बुलाया गया तो बनकर्मी आरोपियों पर कार्यवाही करने की बजाय ग्रामीणों से ही अमर्यादित भाषा का प्रयोग करता नजर रहा है ध्यान देने बाली बात ही कि ये बमोरी विधानसभा का मामला है और यहां से विधायक सरकार में मंत्री भी है अब देखना होगा कि वर्दी पहनकर अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने पर बनकर्मी पर अधिकारी कोई कार्यवाही करते है या एक बार फिर बनकर्मी को अभयदान दिया जाएगा। 

जेव गरम करो और वनाधिकार लो, जंगल के रक्षक वने भक्षक, पैसे लेते वनरक्षक का वीडियो वायरल

गुना । जहाँ एक तरफ कई संगठन वनों के हो रहे विनाश को रोकने वृक्षारोपण में लगे हुऐ है वहीं जंगल के पहरेदार ही इन्हें नष्ट कर अपनी जेव गरम करने में लगे हैं । वनमण्डल गुना में लगातार वनों का विनाश किसी से छिपा नही है लगातार मीडिया में खबरे प्रकाशित होने पर भी जिम्मेदार अफसरों के कानों पर जू तक नही रेंगती है इसी का नतीजा है कि अब वनों के रक्षक ही भक्षक बन बैठे है ।
ताजा मामला फतेहगढ़ रेंज की बीट करराखेड़ा का है यहां बीटगार्ड वनभूमि पर कब्जा ओर पट्टे देने के लिए 2 से 5 हजार रुपयो तक बसूल कर रहा है जिसका वीडियो जमकर मीडिया व सोशल साइट्स पर वायरल हो रहा है वही जिम्मेदार अफसर अब मामले पर सफाई देते नजर आ रहे है ।
मामले को गम्भीरता से लेकर यदि वरिष्ठ स्तर से बीट करराखेड़ा की जांच करवाई जाए तो सेंकडो की संख्या में अवैध रूप से बोरिंग ओर हजारो हेक्टेयर वनभूमि पर अतिक्रमण साफ तौर से देखा जा सकता है किंतु वन अधिकारी व कर्मचारी मात्र पौधरोपण के नाम पर इत्रश्री करके बैठे है वहीं जमकर घूसखोरी को अंजाम दिया जा रहा है ।

पूर्व में हो चुका है वीडियो वायरल – अभी कुछ माह पूर्व ही गुना रेंज के एक वनरक्षक का पैसे लेते हुए वीडियो वायरल हुआ था जिसमे वह अधिकारियों के लिए अपशब्द बोलते हुए पैसे लेते दिखाई दे रहा था मामले ने जब तूल पकड़ा तो वनरक्षक को निलंबित कर मामले को रफा दफा कर दिया गया वही एक दूसरे मामले में वन विभाग के ही वनकर्मी के द्वारा प्लांटेशन से तार की चोरी की गई थी जिसे वन विभाग के अमले ने ही मोके पर पकड़ लिया था किंतु उस मामले में भी पुलिस में आपराधिक प्रकरण दर्ज न करवाकर मात्र निलम्बित करके मामले को दबा दिया गया ।
यदि इसी तरह वन विभाग के आला अधिकारी वन कर्मियों को अभयदान देते रहे तो वो दिन दूर नही जब गुना वनमण्डल मात्र कागजो तक ही सीमित रह जायेगा ।
मामले में शारदा एक्सप्रेस की टीम ने वनरक्षक चन्दन सिंह जाटव से बात की गई तो उन्होंने पैसे को उधार का लेना बताया किन्तु वीडियो वायरल होने की बात पर ग्रामीणों के द्वारा अतिक्रमण होने की बात बोली गयी अब सवाल उठता है यदि बनकर्मी को ग्रामीणों के द्वारा धमकी देकर अतिक्रमण किया जा रहा था तो बनकर्मी व वन विभाग के आला अफसरों के द्वारा कार्यवाही क्यों नही की गई ।

लापरवाह डॉक्टरों का कारनामा आया सामने, डॉक्टरों ने किया था मृत घोषित वह कैसे हुआ जिंदा मामला जिदा

गुना । जिला चिकित्सालय के प्रसूति गृह में एक बेहद ही दिलचस्प मामला सामने आया जहां डॉक्टरों ने डिलीवरी कराने आई प्रसूता महिला के पेट में बच्चे को मरा घोषित कर दिया गया । डॉक्टरों ने प्रसूता महिला के परिजनों से कहा की आप की पत्नी के पेट में बच्चा मर चुका है और पूरे शरीर में जहर फैलने की संभावना है प्रसूता महिला की हालत गंभीर है महिला को बचाने के लिए आईसीयू सुविधा गुना में उपलब्ध नहीं है इसलिए तत्काल इनको भोपाल ले जाकर भर्ती करा दें । इसके बाद आनन-फानन में प्रसूता के परिजन प्रसूता को एंबुलेंस के माध्यम से भोपाल ले गए जहां अस्पताल में प्रसूता को भर्ती कराने के बाद सुबह लगभग 6:00 बजे नार्मल डिलीवरी हुई जिसमें बच्चा एवं उसकी मां दोनों सुरक्षित निकले यहां देखने में आया कि गुना जिले के डॉक्टर कितने बड़े लापरवाह हैं जिन्होंने एक प्रसूता महिला के परिजनों को प्रसूता के पेट में बच्चा मरा हुआ बता दिया इससे यह स्पष्ट हो जाता है की डॉक्टर कार्य के प्रति कितनी लापरवाही बरतते हैं यह मामला एक समाजसेवी के माध्यम से मीडिया तक पहुंचा जिसने सोशल मीडिया पर भी इस पूरे घटनाक्रम का उल्लेख कर पोस्ट वायरल कर लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की ।

बेकरी से लिए बिस्किट निकले फफूंदी लगे, ग्राहक ने की खाद्य अधिकारी से लिखित शिकायत

गुना । वेकरी कारोबारी बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं यह खुलासा तब हुआ जब विंध्याचल कॉलोनी निवासी बाबूलाल रजक अपने वच्चे का जन्मदिन मनाने वेकरी से विस्किट लेकर गऐ शिकायतकर्ता बाबूलाल ने बताया कि कल वहां मानस भवन के सामने स्थित अतुल बेकरी से अपने बच्चे के जन्मदिन पर केक नमकीन तथा बिस्किट खरीद कर ले गए थे जन्मदिन पर नाश्ते में  बच्चों को खाने बिस्किट बांटे बिस्किट खाने के बाद कुछ बच्चों की तबीयत अचानक खराब हो गई । जब विस्किटों को देखा गया तो वह घुने हुए एवं फफूंदी लगे हुए थे । जिसके बाद बाबूलाल रजक अतुल बेकरी की शिकायत जिला फूड अधिकारी के पास लेकर पहुंचा और लिखित में आवेदन देकर बेकरी संचालक पर कार्यवाही की मांग की ।

वन चौकी में उधम कर व गाली गलौज मामले ने पकड़ा राजनीतिक रंग , वनमण्डलाधिकारी से की कार्यवाही की मांग

गुना । गुना वनमंडल की बमोरी तहसील अंतर्गत आने बाले जंगलो में लगातार धडल्ले से कुल्हाड़ी चल रही है जिससे दिन व दिन जंगल समाप्त होते जा रहे है इसी को लेकर अब राजनैतिक दलों के लोग भी जंगल को बचाने के लिए आगे आने लगे है । गुरुवार 26 अगस्त को कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ.ओ.पी.त्रिपाठी ने वनमंडल अधिकारी को एक आवेदन देते हुऐ वन भूमी पर हुऎ अवैध अतिक्रमण व कब्जे, जंगल कटाई, रेंज कार्यालय में घुसकर गाली गिलोंच करने व शासकीय काम में वाधा डालने वाले वन माफियाओं पर आपराधिक मामले दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है । 

फतेहगढ़ व बमोरी रेंज में मिलीभगत से हो रहा अबैध अतिक्रमण – ज्ञात हो कि फतेहगढ़ व बमोरी रेंजों में लगातार अवैध तरीके से वनभूमि पर जुताई सफाई की जा रही है बिगत एक बर्ष में हजारों हेक्टेयर वनभूमि पर अवैध तरीके से अतिक्रमण कर लिया गया है ये कहीं न कही नीचे से लेकर ऊपर तक वनाधिकारियों की मिलीभगत से ही सम्भव है ।
बमोरी रेंज में जोरो पर अवैध उत्खनन – बमोरी रेंज अंतर्गत झुमका , लपचोरा , सोंखरा , पाटन में बड़े पैमाने पर मुरम एवम पत्थर का उत्खनन जारी है खनन माफिया जंगल को चीरकर अवैध तरीके से लगातार उत्खनन कर रहे है एवम वन अमला मूकदर्शक बनकर देखने के अलावा अन्य कोई कार्यवाही नही कर पा रहा है ।
फतेहगढ़ रेंज के घेराव के आरोपी पर नही कोई कार्यवाही – हाल ही में एक कार्यवाही के बाद आरोपियों के द्वारा फतेहगढ़ रेंज का घेराव करते हुए वन अमले को जान से मारने की धमकी दी गयी थी किन्तु  अभी तक उक्त आरोपियों पर पुलिस एवम वन विभाग के द्वारा कोई कार्यवाही नही की गई है वही सूत्रों से जानकरी से जानकरी अनुसार कल एक बार फिर से वन माफिया ने वनरक्षक के साथ मारपीट की है आखिर कब तक वनमाफ़ियों के हाथों वनकर्मचारी ऐसे ही मारपीट का शिकार बनते रहेंगे ।

अनलॉक के बाद नियम शर्तों के साथ दी गई है दुकानें खोलने की अनुमति, कुछ दुकानदार उड़ा रहे हैं नियमों की धज्जियां

गुना । कोरोना तो अभी नहीं गया लेकिन शहर के कुछ दुकानदार बाजार में भीड़ भाड़ एकत्रित कर जरूर कोरोना संक्रमण फैलाने की पूरी तैयारी में बैठे हैं । जिले में अनलॉक होने के बाद अब दुकानदार तोड़ने पर उतारू हो रहे हैं गाइडलाइन के नियम व शर्तों के अनुसार कुछ दुकानदारों को दुकान खोलने की अनुमति मिली है जिसका समय भी निर्धारित किया गया है परंतु शहर के कई दुकानदार इन नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं ।
दुकानों के निर्धारित समय के बाद भी बाजार में देर रात तक भीड़ भाड़ देखी जा सकती है । शहर भ्रमण के दौरान देखने में आया है कि दुकानों को खोलने का एक निर्धरित समय सुबह 10 से शाम 6 वजे तक किया गया है परंतु कुछ दुकानदार शाम 6:00 बजे के बाद अपनी दुकान की शटर गिराकर बाहर खड़े हो जाते हैं और दुकानों में बने पिछले दरवाजे से ग्राहकों को सामान उपलब्ध कराते हैं जिससे बाजार में रात तक भीड़ भाड़ का आलम बना हुआ रहता है । देखने में यह भी आया है कि कई दुकानों पर संक्रमण से बचाव हेतु मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग भी नहीं किया जा रहा है साथ ही दुकानों के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा ।  प्रशासन को इस ओर ध्यान देना अति आवश्यक होगा एवं ऐसे नियमों की धज्जियां उड़ा रहे लापरवाह दुकानदारों पर आवश्यक कार्यवाही हेतु कदम उठाना होगा ।  

जान बचाकर भागा वन-अमला, अवैध खनन माफियाओं ने दबंगई दिखाकर मौके से छुड़ा ले गऐ ट्रैक्टर ट्रॉली

गुना । गुना वनमंडल की रेंज आरोन में लगातार चल रहे अवैध उत्खनन की सूचनाएं अलग अलग माध्यमो से वनमण्डलाधिकारी गुना को मिलने के बाद उन्होने अवैध उत्खनन पर कार्यवाही करने के लिए वनपरिक्षेत्र गुना व वन परिक्षेत्र आरोन की संयुक्त टीम गठित की गई । जब टीम ग्राम झांझोंन में कार्यवाही करने के लिए पहुंची तो मौके पर पहुंचने पर वन अमले को 02 ट्रैक्टर अवैध उत्खनन करते हुए मिले । जिनकी जप्ती करके वन अमला आरोन के लिए रवाना हो रहा था तो ग्राम झांझोंन के सरपंच प्रतिनिधि अपने भाई एवम अन्य ग्रामीणों के साथ आकर वन अमले को रोक लिया । लाठी फरसे की दम पर वन अधिकारियों की पूरी टीम को धमकाकर आरोपियों सहित दोनो ट्रैक्टर – ट्रॉली को छुड़ाकर ले गए ।अनियंत्रित भीड़ व सरपंच प्रतिनिधि के रवैये को देख कर वन अमला अपनी जान बचाकर भागता हुआ नजर आया । वही इस तरह से वन अमले पर लगातार हो रहे हमलों से वन अमले का मनोबल भी लगातार गिरता जा रहा है ।
मामले में वन अमले की भी बड़ी लापरवाही सामने आयी है । इतनी बड़ी कार्यवाही करने के लिए वन अमले के द्वारा पुलिस को सूचना तक नही दी गयी न ही पुलिस सहायता ली गयी ।
बीट झांझोंन में हो रहा बड़े स्तर पर अवैध उत्खनन – बीट झांझोंन में मोके पर शारदा एक्सप्रेस की टीम ने पहुंचकर देखा तो जगह जगह अवैध उत्तखनन, तालाब निर्माण कार्य, अवैध कटाई देखने को मिली । जिनपर वन अमला कार्यवाही करने से बचता नजर आ रहा है ।

वन विभाग हुआ शर्मसार, वन क्षेत्र में तार फेंसिंग चोरी करते पकड़ाया वनकर्मी, मामले की जांच में लगे आला अधिकारी

गुना । गुना वनमंडल में भ्रष्टाचार की परत एक-एक करके लगातार खुलती जा रही है अभी हाल ही में सर्वे के नाम पर पैसे लेते एक वन कर्मी धराया था उसके बाद आज का मामला सामने आने के बाद वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार गुना बन मंडल की रेंज गुना की बीट बजरंगगढ़ में प्लांटेशन में लगे तार फेंसिंग की चोरी की सूचना बीटगार्ड को मिली थी जिस पर बन अमले ने दबिश दी तो मौके पर तार फेंसिंग चोरी करते हुए वनकर्मी और दो अन्य साथी पकड़ाये अपने साथी वन कर्मियों को ऐसा कृत्य करते सभी भौंचक्के रह गए वही मोके से तारफेन्सिंग भी बरामद हुई है।
वन विभाग हुआ शर्मशार – वनों के रक्षक के द्वारा अपनी रेंज में इस तरह की घटना सामने आने के बाद वन विभाग की किरकिरी हो रही है वही अब आला अधिकारी भी मामले को जांच में लग गए है जबकि चोरी के मामले में सर्वप्रथम पुलिस थाने में सूचना करना था किंतु अभी तक वन अमले के द्वारा मामले की जांच जारी है
इस मामले में रेंजर विवेक चौधरी से बात की गई तो बताया कि कल रात्रि का मामला है लोगों के बयान लेने के बाद क्या स्थिती परिस्थितियों में यह घटना हुई उसके बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी ।