श्री वि_लनाथ गुसांई का 505 वां प्राकट्योत्सव आज से पुष्टिमार्गीय केंद्रों पर होंगे दो दिवसीय भव्य कार्यक्रम

गुना। पुष्टिमार्गीय भक्ति केंद्रों पर गुसांई जी श्री वि_लनाथ जी का प्राकट्योत्सव 6 जनवरी से भव्यता से मनाया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय पुष्टिमार्गीय वैष्णव परिषद के प्रांतीय प्रचार प्रमुख कैलाश मंथन ने बताया कि पुष्टि भक्तिवद्र्धक श्री गुसांईजी की जयंती पर मध्यभारत अंचल के सभी पुष्टिमार्गीय मंदिरों, सत्संग मंडलों में दो दिवसीय आयोजन के तहत 6 एवं 7 जनवरी को कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 6 जनवरी को अंचल में श्री गोवर्धन नाथजी के मंदिरों में वैष्णवों द्वारा अखंड जाप होगा तथा 7 जनवरी को प्रात: नंद महोत्सव पालना एवं दोपहर में तिलक आरती के दर्शन होंगे। इस मौके पर ग्राम लालोनी में महाराज गोस्वामी दामोदर लालजी (विजयकुमारजी) अहमदाबाद के विशेष सानिध्य में श्री गुसांई जी विट्ठलनाथजी का प्रादुर्भाव महोत्सव 7 जनवरी को मनाया जाएगा। इसके अलावा गुना शहर एवं ग्रामीण अंचलों में भी पुष्टिमार्गीय के आधार स्तंभ श्री गुसांई जी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में वैष्णवजन उपस्थित रहेंगे। गुना के श्रीनाथ जी मंदिर में 6 जनवरी को प्रात: 11 बजे से अखंड जाप एवं 7 जनवरी को प्रात: 6 बजे प्रभात फेरी, 10 बजे पालना नंद महोत्सव एवं 11 बजे गुसांईजी की तिलक आरती कार्यक्रम होंगे। जिले के प्रमुख पुष्टिमार्गीय केंद्र श्री वल्लभाचार्य भवन सत्संग मंडल परवाह, लालोनी, कालोनी, ऊमरी, भिडरा, भौंरा सहित समस्त पुष्टिमार्गीय केंद्रों पर 7 जनवरी को दोपहर में पालना महोत्सव एवं महाआरती होगी। श्री गुसांईजी का प्राकट्य पौष नवमी संवत 1572 ईसवी सन 1515 में हुआ था। जिले के सभी सत्संग मंडलों में श्री गुसांई जी के जीवन चरित्र पर विशेष वार्ता प्रसंग एवं कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

सावित्रीबाई फुले का मनाया जन्मदिन संयुक्त तत्वाधान में हुआ कार्यक्रम का आयोजन

गुना । (sharda express) Vikas Bhargavaभारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्री बाईं फूले जी का जन्मदिन आज महिला संगठन ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति विकास परिषद एवं अहिरवार समाज संघ के संयुक्त तत्वाधान में आज हड्डी मील पर मनाया ।राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति विकास परिषद की प्रदेश महासचिव श्रीमति शशि अहिरवार ने बताया कि सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले भारत की प्रथम महिला शिक्षिका, समाज सुधारिका एवं मराठी कवियत्री थीं। उन्होंने अपने पति ज्योतिराव गोविंदराव फुले के साथ मिलकर स्त्री अधिकारों एवं शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए। वे प्रथम महिला शिक्षिका थीं। उन्हें आधुनिक मराठी काव्य का अग्रदूत माना जाता है।
उक्त कार्यक्रम में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती ऊषा विजयवर्गीय एवं कुमारी नीता सामाजिक कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ शिक्षिका ने अपने अपने विचार व्यक्त किए ।एवं महिलाओं को उनके अधिकारों को लेकर जागरूक किया ।अनुसूचित जाति जनजाति विकास परिषद की जिला अध्यक्ष विंदू सिंह जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए महिलाओं को संगठित होने की समझाइश दी बही महिलाओ को सामाजिक कार्य करने समाज के प्रति जागरूक होने पर जोर दिया एवं संचालन भी किया । उक्त कार्यक्रम का आयोजन रचना जी द्वारा किया गया। इस अवसर पर इस अवसर पर श्रीमती शशि बाई,श्रीमती टीना,श्रीमती सविता,श्रीमती मीरा श्रीमती रचना श्रीमति पार्वती,श्रीमती नर्वदी ,श्रीमती रामदुलारी सहित अन्य बालिकाएं एवं महिलाए मौजूद रही

गीता प्रचार का अंतर्राष्ट्रीय केंद्र बना गुना राष्ट्रधर्म के लिए मर मिटना सिखाते हैं गीता के विचार- कैलाश मंथन

गुना। गीता जयंती सप्ताह के तहत अंचलभर में श्रीमद् भगवद गीता की प्रतियां नि:शुल्क वितरण की गईं। इस मौके पर अंतर्राष्ट्रीय पुष्टिमार्गीय वैष्णव परिषद के प्रांतीय प्रचार प्रमुख कैलाश मंथन ने कहा कि जिला मुख्यालय गुना श्रीमद् भगवद गीता के महाप्रचार अभियान का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख केंद्र बन गया है। मंथन के मुताबिक भारतीय धर्म दर्शन संस्कृति के प्रमुख ग्रंथ श्रीमद् भगवत गीता की अमर वाणी का प्रचार एवं सनातन धर्म संस्कृति के आधार उपनिषद संहिता की घर-घर में स्थापना के मकसद से महाप्रचार अभियान पिछले तीन दशक से चलाया जा रहा है।
हिउस प्रमुख कैलाश मंथन ने बताया कि अब तक गीताजी की 27 हजार प्रतियों का नि:शुल्क वितरण चिंतन मंच के तहत किया जा चुका है। प्रत्येक ग्यारस एवं रविवार को गीता स्वाध्याय मंडलों, मंदिरों, धार्मिक केंद्रों के माध्यम से श्रीमद् भगवत गीता की प्रतियां उन परिवारों तक पहुंचाई जा रही हैं जिनके पास गीता नहीं है। गीता का अध्ययन, पठन मृत्यु का भय दूर करता है। आत्मा की अमर सत्ता से साक्षात्कार करता है। जीवन जीने की कला सिखाता है गीता का ज्ञान। हिउस प्रमुख कैलाश मंथन ने कहा कि हजारों वर्ष पुरातन भारतीय संस्कृति भगवान कृष्ण की अमरवाणी गीता के बाज पर ही जीवित है। विदेशी संस्कृति के आघात के बावजूद पूरे विश्व ने गीता के उपदेशों को स्वीकार है।
संकीर्तन एवं नि:शुल्क गीता वितरण के साथ हुई गीता जयंती सप्ताह की पूर्णाहूति
वहीं श्रीमद् भगवद् गीता प्रचार अभियान पखवाड़े के तहत गीता जयंती महोत्सव की पूर्णाहूति मार्गशीर्ष पूर्णिमा को Þ हरे राम रहे राम राम राम हरे हरे, हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे Þ महामंत्र नाम संकीर्तन के साथ हुई। इस मौके पर चिंतन मंच के तहत चलाए जा रहे गीता प्रचार अभियान का 29 वें दौर का शुभारंभ विराट हिन्दू उत्सव समिति प्रमुख कैलाश मंथन ने किया। अंचल के धाॢमक केंद्रों, चिंतन हाउस में हुए कार्यक्रमों के दौरान गीता प्रचारक हिउस प्रमुख कैलाश मंथन ने वरिष्ठ नागरिकों, समाजसेवियों, कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं को सम्मानित करते हुए नि:शुल्क गीता वितरित की। अंचल के 18 प्रमुख मंदिरों एवं धार्मिक केंद्रों पर वरिष्ठ समाजसेवियों को गीता की प्रतियां भेंट कर सम्मानित किया गया। अंतर्राष्ट्रीय पुष्टिमार्गीय वैष्णव परिषद मप्र के प्रांतीय प्रचार प्रमुख कैलाश मंथन ने कहा कि प्रत्येक दौर में औसतन 1 हजार गीता की प्रतियां वितरित की गई है। वर्ष 1990 के दशक से चल रहे नि:शुल्क गीता वितरण अभियान ने अब विराट स्वरूप ले लिया है।

युवाओं को अपने को धर्म और संस्कृति से जुड़ना पडेगा-डाँ.वंदना चुटैल

गुना । स्वामी विवेकानंद ग्रुप युवा मण्डल भारतीय शिक्षण मण्डल जिला गुना मध्यभारत प्रांत की पन्द्रहवीं साप्ताहिक परिचर्चा आयोजित की गयी।इस परिचर्चा में लोहा पुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद कर श्रद्धांजलि दी जायेगी।वही मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर मध्यप्रदेश को सबल प्रदेश बनाने पर भी चर्चा की जायेगी।परिचर्चा का प्रारम्भ विक्रम गंगवाल ने ओमकार ध्वनि से किया।वैदिक मंत्र आदर्श प्रजापति ने किया।परिचर्चा को प्रारम्भ करते हुये आदर्श प्रजापति ने कहाकि हम सब महार्षि वाल्मीकि के कारण श्री राम जी को पहचान पा रहे है।उन्होने लवकुश को सक्षम बनाया।हर्षित शर्मा ने कहाकि ईश्वर को प्राप्त करने के लिए मन की पवित्रता बहुत आवश्यक है इसके द्वारा ईश्वर को प्राप्त किया जा सकता है।सुशांत माडवी ने कहाकि आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा वाल्मीकि जी समाज देते है।राजपाल प्रजापति ने कहाकि उन्होने रामायण जैसा अद्भुत ग्रंथ हमे दिया।आशीष यादव नीमच ने कहाकि हमे वाल्मीकि जी के विचारों को जीवन में उतारे।रेखा प्रधान उड़ीसा ने कहाकि रामायण हमें अपने कर्तव्य मार्ग से कभी विचलित नही होने देती।धर्म, अर्थ काम मोक्ष की ओर ले जाती है।मुख्य अतिथि के रूप में शासकीय महाविद्यालय की प्राध्यापक डाँ.वन्दना चुटैल ने युवाओं को महार्षि  के जीवन के बारे मे विस्तार से बताया और कहाकि हमारे कर्म ही हमे महान बनाते है।युवाओं को अपने को धर्म और संस्कृति से जुड़ना पडेगा।विक्रम गंगवाल ने कहाकि संस्कृत में प्रथम कवि होने के कारण उन्हे आदिकवि भी कहा जाता है।युवा आयाम प्रभारी यूथ मोटिवेटर जितेन्द्र ब्रह्मभट्ट ने कहाकि त्याग, तप करूणा दया ममता के कारण  महर्षि वाल्मीकि कहलाये।आज हमारे आसपास लाखो क्रोंच पक्षी मारे जा रहे है,मातृशक्ति पर निरन्तर शोषण अत्याचार हो रहे है हम सब मौन रहते है।हमे भी संवेदनशील बनना होगा।अपने अन्दर पवित्रता करूणा दया स्वयं के अन्दर लानी होगी।सरदार पटेल को याद करते हुये कहाकि उन्होने निजी स्वार्थ के स्थान पर सदैव राष्ट्र को प्राथमिकता दी।अपने दृढ़ संकल्प के कारण लोहा पुरूष कहलाये।हम हमेशा श्रेष्ठ मध्यप्रदेश बनाने मे अपना शत् प्रतिशत योगदान ने हम कोई ऐसा काम न करे जिससे मध्यप्रदेश का यश कीर्ति वैभव कम हो।अन्त में आभार दीपक सुमन ने व्यक्त किया।

करवा चौथ पर सुहागिनें इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा

करवा चौथ की शुभ मुहुर्त

चतुर्थी तिथि प्रारंभ 4 नवंबर 2020 दिन बुधवार की सुबह 03 बजकर 24 मिनट से

चतुर्थी तिथि समाप्त 5 नवंबर 2020 की सुबह 05 बजकर 14 मिनट तक

करवा चौथ व्रत का समय 4 नवंबर 2020 की सुबह 06 बजकर 35 मिनट से रात 08 बजकर 12 मिनट तक

कुल अवधि 13 घंटे 37 मिनट

पूजा की शुभ मुहुर्त 4 नवंबर की शाम 05 बजकर 34 मिनट से शाम 06 बजकर 52 मिनट तक

कुल अवधि 1 घंटे 18 मिनट

करवा चौथ के दिन चंद्रोदय का समय: रात 08 बजकर 12 मिनट पर

करवा चौथ का व्रत केवल सुहागिनें या जिनका रिश्ता तय हो गया है, वही महिलाएं ये व्रत रख सकती हैं. यह व्रत सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जल रखा जाता है. व्रत रखने वाली कोई भी महिला इस दिन काला या सफेद वस्त्र नहीं पहनती हैं. लाल वस्त्र सबसे अच्छा है. पीला भी पहना जा सकता है. इस दिन पूर्ण श्रृंगार और पूर्ण भोजन जरूर करना चाहिए । व्रत करने वाली महिलाओं को अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए. महिलाओं को घर में किसी बड़े का अपमान नहीं करना चाहिए. शास्त्रों में कहा गया है कि करवा चौथ के दिन पत्नी को पति से बिल्कुल झगड़ा नहीं करना चाहिए । पूजा-पाठ में भूरे और काले रंग को शुभ नहीं माना जाता है. हो सके तो इस दिन लाल रंग के कपड़े ही पहनें क्योंकि लाल रंग प्यार का प्रतीक माना जाता है. आप चाहें तो पीले वस्त्र भी पहन सकते हैं । 

दुर्गा विसर्जन के दौरान हादसों से सबक ले प्रशासन- कैलाश मंथन, 25 एवं 26 अक्टूबर को सभी जल स्त्रोतों पर विशेष गोताखोर एवं सुरक्षा दस्ते तैनात करने की मांग

गुना। विराट हिन्दू उत्सव समिति चिंतन मंच के संस्थापक कैलाश मंथन के मुताबिक नवरात्रि के दौरान उत्तम प्रदर्शन, श्रेष्ठ सेट्स, कोविद-19 गाईडलाईन का पालन, विद्युत सज्जा, प्रतिमा की आकृति, सुरक्षा, स्थान चयन के हिसाब से सर्वश्रेष्ठ 9 झांकियों को चिंतन शील्ड प्रदान की जाएगी। इस दौरान शहरी क्षेत्र प्रथम 9 झांकियों सहित कुल 27 झांकियों को भव्य सेट्स एवं विद्युत सज्जा तथा भक्ति प्रचार हेतु सम्मान पत्र व स्मृति शील्ड आदि प्रदान किए जाएंगे। करीब 250 झांकियों एवं कोविड-19 के दौरान सक्रिय सेवाभावियों, मीडियाकर्मियों एवं समाजसेवियों को भी सम्मानित किया जाएगा।
नवमी की रात 25 अक्टूबर को देर रात से एवं 26 अक्टूबर दशहरा तक होने वाले दुर्गा विसर्जन के दौरान नदियों एवं पानी के गहरे स्त्रोतों पर विशेष गिनरानी की आवश्यकता है। लगातार 24 घंटे चलने वाले दुर्गा विसर्जन के दौरान पिछले एक दशक में दो दर्जन से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। हिन्दू उत्सव समिति के संयोजक कैलाश मंथन ने बताया कि बीते सालों में पार्वती, सिंध, सिंगवासा तालाब, क्रेशर के गड्डों एवं अन्य स्थानों पर उचित सुरक्षा व्यवस्था न रहने से लगातार मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। उल्लेखनीय है कि बीते साल पिपरौदा की क्रेशर खदान, सिंगवासा तालाब, सिंध नदी, पार्वती नदी पर 7 बच्चों सहित अनेकों बच्चों एवं युवाओं की अकाल मौत होने के बाद भी प्रशासन चेता नहीं है। इन स्थानों पर ग्रामीण क्षेत्रों के लोग दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन कर देते हैं। हिउस प्रमुख श्री मंथन ने 25 एवं 26 अक्टूबर को सभी जल स्त्रोतों पर विशेष गोताखोर एवं सुरक्षा दस्ते तैनात किए जाने की मांग की है।
दुर्घटनाओं के मद्देनजर दिन में ही विसर्जन करने की अपील
श्री मंथन के मुताबिक अंचल में बहने वाली पार्वती, सिंध, चौपेट, कालीसिंध सहित अन्य नदियों एवं बाधों पर निगरानी चौकियां बनाई जाएं। सभी स्थानों पर पर्याप्त विद्युत रोशनी, साफ-सफाई, पेयजल एवं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होना जरूरी है। उल्लेखनीय है कि दुर्गा नवमी एवं दशमी को ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों श्रद्धालु गहरे जल स्त्रोतों पर प्रतिमा विसर्जन के लिए  पहुंचते हंै। ध्यान वाली बात यह है कि अंचल में लगने वाली तीन हजार से अधिक झांकियों के साथ हजारों कार्यकर्ता विसर्जन स्थलों पर पहुंचते हैं। हिउस ने अपील की है कि झांकी समितियां बढ़ती हुई दुर्घटनाओं को देखते हुए दिन में ही मूर्तियां विसर्जित करें। उल्लेखनीय है कि चल समारोह के दौरान नवमी देर रात से विजयादशमी की दोपहर तक दुर्गा प्रतिमा विसर्जित होती हैं।

बीसभुजा देवी मंदिर में नवरात्रि पर्व के मद्देनजर आवश्‍यक व्‍यवस्‍थाएं सुनिश्चित करने कलेक्‍टर ने दिए निर्देश

गुना ।  बीसभुजा देवी जी (बजरंगगढ़ में स्‍थापित) मंदिर में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी शरद नवरात्रि पर्व 17 अक्‍टूबर 2020 से 25 अक्‍टूबर 2020 तक मनाया जाना है। उक्‍त मंदिर में नवरात्रि पर्व में श्रृद्धालुओं की सुविधा की दृष्टि से व्‍यवस्‍थाएं सुनिश्चित करने कलेक्‍टर कुमार पुरूषोत्‍तम द्वारा तहसीलदार तहसील गुना (ग्रामीण) को निर्देशित किया गया है।
इस आशय की जानकारी में डिप्‍टी कलेक्‍टर आर.बी.सिण्‍डोस्‍कर ने बताया कि गृह मंत्रालय भोपाल द्वारा जारी आदेश के निर्देशानुसार श्री बीस भुजा माता मंदिर पर मेले की अनुमति नही होने, मात्र पूजा-अर्चना की अनुमति देने, मंदिर के व्‍यवस्‍थापकों के द्वारा ध्‍यान रखा जाने कि श्रृद्धालुओं एवं दर्शकों की भीड़ एकत्रित नही हो एवं सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन सुनिश्चित किया जाने, कोविड-19 के संक्रमण से बचाव हेतु श्रृद्धालुओं द्वारा फेस कवर, सोशल डिस्‍टेंसिंग एवं सेनेटाइजर के प्रयोग के निर्देशों का पालन कड़ाई से सुनिश्चित किया जाने, बिना मास्‍क के किसी को मंदिर परिसर में प्रवेश नही करने देने, 28 बमोरी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के मद्देनजर उप निर्वाचन 2020 अंतर्गत जिले में आदर्श आचरण संहिता लागू होने से समस्‍त प्रावधान प्रभावशील रहने, 17 अक्‍टूबर 2020 को कोषालय अधिकारी गुना से पुजारी की उपस्थिति में आभूषण अधिकृत स्‍वर्णकार से शिनाख्‍ती उपरांत जिम्‍मेदारी पर प्राप्‍त कर मंदिर के पुजारी लक्ष्‍मीनारायण शर्मा पुजारी बीसभुजा देवीजी मंदिर बजरंगगढ़ को मंदिर जाकर प्रदाय करने एवं पर्व के पश्‍चात 26 अक्‍टूबर 2020को परीक्षण एवं सत्‍यापन उपरांत जिला कोषालय गुना में जमा कराने तथा सुरक्षा हेतु पुलिस अधीक्षक गुना से सशस्‍त्र बल प्राप्‍त कर मंदिर पर सुरक्षा हेतु छोडने हेतु कलेक्‍टर कुमार पुरूषोत्‍तम द्वारा निदेर्शित किया गया है।

मुनिश्री की करूणा से मिला मूक प्राणी का जीवनदान, ट्यूमर का दर्द झेल रहा श्वान का हुआ सफल ईलाज जैन मुनिश्री अभय सागर महाराज की प्रेरणा से हुआ मूक प्राणी का इलाज

आरोन। दिगम्बर जैन मुनिराज दया, क्षमा, करुणा एवं वात्सल्य की प्रतिमूर्ति होते हैं। सदैव सम्पूर्ण जीव जगत को कल्याण का सदोपदेश देते हुए धर्ममय जीवन का मार्ग प्रशस्त करते हैं। कुछ ऐसा ही उदाहरण आरोन में देखने को मिला एक मूक प्राणी की दुख और तकलीफ को दूर करके उसके जीवन को कष्टमुक्त करने का बीड़ा मुनिसंघ के निर्देशन में युवाओं ने उठाया। जैन मिलन के प्रचार मंत्री सुनील झंडा ने बताया कि आचार्यश्री विद्यासागरजी के शिष्य मुनिश्री अभयसागरजी महाराज ससंघ आरोन में पावन वर्षायोग कर रहे है। विगत दिनों शौच के लिए जंगल की ओर जाते समय उनकी नजर एक स्वान (कुत्ते) पर पड़ी। जिसकी गर्दन में एक बड़ा सा ट्यूमर (गठान) दिखाई दे रही थी। जिसे देखकर मुनिश्री अभय सागर के अन्तस् से करुणा रस झलक पड़ी। वह बोले देखो न कैसे कष्ट में अपना जीवन व्यतीत करना पड़ रहा है, अपने रोग का प्रतिकार भी नही कर सकता। रोम-रोम से बरसती करुणा नेतत्क्षण ही साथ चल रहे आरोन के युवाओं से उसके उपचार के लिए बोला। सभी ने अशोकनगर में संचालित गौशाला में सेवारत सोनू जैन को उपचार हेतु आमंत्रित किया। सोनू जैन जो कि गौ सेवा के लिए मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिह चौहान द्वारा सम्मानित किए जा चुके हैं, वह मुनिश्री प्रेरणा से श्वान को अपने साथ अशोकनगर ले गए। यहां 3 दिन उसका प्राथमिक उपचार करने के बाद सोनू जैन के साथ डॉ रवि तिवारी, संजय कौशिक और समस्त पशु चिकित्सक स्टाफ के साथ मिल कुत्ते का ऑपरेशन कर लगभग 2 किलो का ट्यूमर अलग कर उस श्वान को उन्होंने जीवनदान दिया।

वैश्य महासम्मेलन युवा इकाई के जिलाध्यक्ष बने हिमांशु जैन

गुना। वैश्य महासम्मेलन के प्रदेशाध्यक्ष उमाशंकर गुप्ता की सहमति से महासम्मेलन के जिलाध्यक्ष गोपालस्वरूप मंगल एवं जिला प्रभारी इंजी. डीएन नीखरा ने इंजी. हिमांशु जैन को युवा इकाई का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। श्री जैन ने अपनी नियुक्ति पर संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया है। वहीं उनके शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी है।  वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा इंजी. श्री जैन को शीघ्र युवा इकाई कार्यकारिणी गठन के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं की श्रद्धा और आस्था को किया आहत- कैलाश मंथन, हिउस ने की लापरवाही बतरने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

गुना। डोल ग्यारस एवं अनंत चतुर्दशी पर नपा प्रशासन द्वारा गणेश प्रतिमा के विसर्जन में भारी अव्यवस्थाएं देखी गई। निर्धारित स्थानों पर नपा के छोटे वाहन काफी देर से पहुंचे। हजारों लोगों ने मुख्य चौराहों के मंदिरों के फुटपाथों पर ही श्रीगणेशजी को विसर्जन के लिए रखा। शहर में लॉकडाउन एवं गाईडलाईन के नाम पर प्रशासनिक अमला ने हजारों श्रद्धालुओं की आस्था एवं श्रद्धा को चोट पहुंचाई है। वाहन व्यवस्था गड़बड़ा जाने से मंदिर परिसरों में हजारों मूर्तियां एकत्रित हो गई। जिन्हें निजी तौर पर विसर्जित कराया गया। वहीं शहर की साफ सफाई एवं विद्युत व्यवस्था भी गड़बड़ा गई है।
उक्त बात विराट हिन्दू उत्सव समिति के प्रमुख कैलाश मंथन ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सवालों के घेरे में लेते हुए कही। उन्होंने कि हिन्दुओं के सबसे बड़े त्यौहार पर स्थानीय प्रशासन की लापरवाही जाहिर हुई। हजारों परिवार श्री गणेश जी का विसर्जन करने से वंचित रह गए।  बहुसंख्यक समाज की आस्था को चोट पहुंचाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग हिउस ने की है। इस अवसर पर हिउस प्रमुख कैलाश मंथन ने कहा कि कोरोना संकट के तहत विपरीत काल के चलते श्रद्धालुओं अथाह धैय का परिचय दिया है। लॉकडाउन एवं कोविद-19 के तहत सरकारी  गाईडलाईन के चलते परंपरागत भव्य त्यौहार पर सार्वजनिक कार्यक्रम स्थगित कर घरों में ही सादगी से गणेशजी का विसर्जन किया गया। श्री गणेश जी संकटों का नाश करने वाले सर्वप्रथम पूज्रीय महादेव हैं। अनंत चतुर्दशी का त्यौहार भी श्रीगणेश की पूजा का प्रतीकात्मक पर्व है। गणेशोत्सव के तहत अनंत चतुर्दशी के बिना सनातन धर्म की कल्पना नहीं की जा सकती है। इसके पूर्व विराट हिन्दू उत्सव समिति के तहत दस दिवसीय श्रीगणेशोत्सव की पूर्णाहूति अनंत चतुर्दशी पर श्री गणेश विसर्जन के साथ संपन्न हुई। चिंतन हाउस में विराजमान श्रीगणेशजी की मिट्टी की प्रतिमा का भुजरिया तालाब में विसर्जित किया गया।