”मेरा घर-मेरी होली” कोरोना संक्रमण से बचने होली अपने घर पर ही बनाएं – कलेक्‍टर

गुना ।  कलेक्‍टर कुमार पुरूषोत्‍तम ने कहा है कि होली का त्‍यौहार राग-उल्‍लास का त्‍यौहार है। जिसे लोग सामूहिक रूप से मनाते हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए सार्वजनिक तौर पर इस बार होली का त्‍यौहार प्रतिबंधित किया गया है। सार्वजनिक उत्‍सव पर रोक है। सीमित संख्‍या में लोग होलिका दहन कर सकते हैं। आमतौर पर गुना जिले में परंपरा है कि विभिन्‍न सरकार महकमे में भी सार्वजनिक तौर पर होली मनायी जाती है। इस बार ऐसा नही होगा। कलेक्‍टर होने के नाते स्‍वाभाविक तौर पर बहुत सारे अधिकारी होली मनाने आते हैं। निश्चित तौर पर यह अच्‍छी बात है कि त्‍यौहारों का मतलब भी यही होता है कि हम एक-दूसरे से मिलें। लेकिन आप सभी से अनुरोध है कि इस बार होली आप अपने घर पर ही मनाएं। मैंने भी निर्णय लिया है कि मैं होली अपने घर पर मनाउंगा। जिससे संक्रमण से हम खुद बचें, हम सब बचें और गुना जिले को संक्रमण से मुक्‍त करें। आप सभी को होली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। 

आदिवासी क्षेत्र में लगने वाले भगौरिया मेलों के आयोजन पर लगाई गयी रोक

गुना । अनुविभागीय दण्‍डाधिकारी गुना-बमोरी सुश्री अंकिता जैन द्वारा शासन एवं जिला दण्‍डाधिकारी कुमार पुरूषोत्‍तम के निर्देशों के क्रम में गुना अनुविभागीय क्षेत्र अन्तर्गत आदिवासी क्षेत्र में लगने वाले भगौरिया मेलों के आयोजन पर कोविड के बढ़ते प्रभाव को देखते हुये रोक लगाई गयी है।
उन्‍होंने बताया कि शासन के निर्देशों के क्रम में मध्य प्रदेश शासन गृह विभाग भोपाल द्वारा आयोजित होने वाले मेलों पर रोक लगाई गई है। साथ ही जिला दण्‍डाधिकारी द्वारा कोविड-19 के मद्देनजर जिले की सीमा में होली के जुलूस, गैर एवं मेले आदि का आयोजन प्रतिबंधित किया गया है।

व्‍यवसायिक दुकानें रात्रि 9 के बाद खुली नहीं रहेंगी, सभी को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य

गुना ।  कलेक्‍टर कुमार पुरूषोत्‍तम ने कहा है कि आज प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा चिंता व्‍यक्‍त करते हुए कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने और जनजागरूकता अभियान हेतु प्रदेश के समस्त जिले के जिला संकट समूह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में जिला संकट समूह के सदस्यों द्वारा रात्रि 9:00 बजे अनिवार्य रूप से व्यवसायिक दुकानें बंद करने का निर्णय लिया गया है। इसका पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिले के समस्त शासकीय-अशासकीय कार्यालय, व्यवसायिक दुकानों एवं प्रतिष्ठानों को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होगा। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी संबंधित थर्मल स्क्रीनिंग, हैंड सैनिटाइजर और सोशल डिस्‍टेंसिंग की व्‍यवस्‍था सहित ”मास्‍क नही तो सेवा नही” की सूचना प्रदर्शित करें तथा इसका कड़ाई से पालन करें। इस हेतु उन्‍होंने आवश्‍यक व्‍यवस्‍थाएं करने एक दिवस की समय सीमा तक की तथा इसके बाद सीलिंग, स्‍थल अर्थदण्‍ड की कार्रवाई करने जिले के समस्‍त संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्‍होंने य‍ह निर्देश आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में दिए।
समय-सीमा में पत्रों, कार्यक्रमों, योजनाओं के क्रियान्‍वयन की समीक्षा के दौरान उन्‍होंने निर्देशित किया कि 31 मार्च 2021 तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली का राशन 95 प्रतिशत से अधिक उपभोक्‍ताओं को प्रदाय करना सुनिश्चित करें नागरिक आपूर्ति विभाग। उन्‍होंने उपार्जन की तैयारियों एवं व्‍यवस्‍थाओं की समीक्षा के दौरान निर्देशित किया कि उपार्जित खाद्यान्‍न की खरीदी केन्‍द्रों में सुरक्षा व्‍यवस्‍था के पुख्‍ता इंतजाम रहें। प्रतिकूल मौसम में उपार्जित खाद्यान्‍न खराब नही हो। उन्‍होंने कहा कि उपार्जन केन्‍द्रों में तुलाई में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हो, के उद्देश्य से तुलाई को केंद्रित करते हुए समस्त उपार्जन केंद्र प्रभारी अपने-अपने उपार्जन केंद्रों में सी.सी.टी.व्‍ही. लगवाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने समय-सीमा पत्रों का निराकरण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नगर परिषद कुंभराज और चांचौड़ा की समीक्षा करने पर मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण नहीं हो पाने के कारण एक दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए। उन्होंने राघौगढ़ के उपयंत्री द्वारा कार्यालय में उपस्थिति नहीं देने की शिकायत पर नाराजगी व्यक्त की तथा एक दिवस में कार्यालय नगर परिषद राघौगढ़ में उपस्थिति दर्ज नहीं कराने पर उन्‍हें निलंबित करने के निर्देश दिए।
बैठक में उन्होंने पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड के लक्ष्यों को 31 मार्च 2021 तक हर हालत में पूरा करने संबंधितों को कड़े निर्देश दिए। साथ ही बोर्ड की परीक्षाओं के मद्देनजर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं तहसीलदारों को आवश्यक ड्यूटिया लगाने भी निर्देशित किया।

संस्कृत भारती का जनपद सम्मेलन संपन्न संस्कृत की प्रशंसा मात्र करने से विकास संभव नहीं है : श्री दीक्षित

गुना। संस्कृत भारती मध्यभारत प्रान्त द्वारा दिये निर्देशानुसार गुना जिले का जनपद सम्मेलन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर गोशाला में आयोजित किया गया। कार्यकृम उद्घाटन सत्र में अतिथियों ने दीप प्रज्वलन किया, आचार्य वेणी प्रसाद वशिष्ठ ने वैदिक मंगलाचरण एवं विवेक वांडे ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। मुख्य वक्ता नीरज दीक्षित ने कहा कि हम संस्कार चाहते हैं, घर का वातावरण आनंदमय हो, समाज सुसंस्कृत हो आदि परन्तु यदि कोई संस्कृत पढ़ना चाहता है तो उसकी उपेक्षा न की जाए।
संस्कृत साहित्य का 95 प्रतिशत भाग मनुष्य के जीवन को सुसंस्कृत बनाने के लिए है।
संस्कृत का अर्थ ही संस्कार करने वाली भाषा है, जो स्वयं भी संस्कारित है। संस्कृत की उपेक्षा करके संस्कार की अपेक्षा कैसे की जा सकती है।मुख्य अतिथि रास्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय कार्यवाह अशोक अग्रवाल ने कहा कि ज्ञान की देवी सरस्वती संस्कृति और संस्कृत यह सब परस्पर सम्बन्धित हैं। संस्कृत संस्कारों की संरक्षक है, संस्कृत का पुनरूत्थान करने के लिए संस्कृत भारती निरन्तर कार्य कर रही है। मुख्य वक्ता संस्कृत भारती प्रान्त संगठन मंत्री नीरज दीक्षित एवं अध्यक्षता कैलाश नारायण मीणा आयोजन समिति के अध्यक्ष द्वारा की गई।
प्रथम सत्र के अध्यक्ष कैलाश नारायण मीना ने कहा कि भारत विश्व गुरु बना रहे इसके लिए संस्कृत को व्यवहार में लाना आवश्यक है। हमारा सम्पूर्ण ज्ञान संस्कृत में ही सन्निहित है। संस्कृत साहित्य मानव मात्र कल्याण के लिए है अतः सभी को संस्कृत भाषा व्यवहार में लाने की आवश्यकता है। आचार्य सुरेश शर्मा जी ने ‘नैव क्लिष्टा न च कठिना ‘ गीत से सभी को आत्म विभोर कर दिया।आचार्य वाचस्पति शुक्ल संस्कृत वेद विद्यालय आवन के छात्रों ने स्वागत गीत, संस्कृत भाषा के महत्व पर रोचक संस्कृत नाटक एवं शिव तांडव स्तोत्र पर नृत्य प्रस्तुत किया।इस सत्र में विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग प्रचारक रामवीर सिंह कौरव एवं श्रीमती संतोष अरोरा संचालक मॉडर्न हायर सेकंडरी विद्यालय ने भी संबोधित किया। समापन सत्र के अध्यक्ष विद्या भारती के प्रांत सचिव शिरोमणि दुबे, मुख्य वक्ता ब्रजेश साहू-प्रान्त कार्यालय मंत्री संस्कृत भारती मंचासीन रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलन के साथ किया गया कार्यक्रम का संचालन नरेंद्र भारद्वाज द्वारा किया गया इस अवसर पर स्वागत भाषण देते हुए जिला संयोजक रमेश चंद्र शर्मा द्वारा संस्कृत के महत्व को बताया गया । सरस्वती शिशु विद्या मंदिर परिवार की ओर से प्राचार्य अंकित शुक्ला ने अतिथियों का अभिनंदन किया। जिला संस्कृत सम्मेलन में सरल संभाषण प्रस्तुति मजबूत सिंह दांगी ने की जिसमें सभी उपस्थित जनों ने सहभागिता की और सरलता से वाक्यों का अभ्यास किया।
संस्कृत भारती की पत्रिका ‘मध्यमा शोधान्चिता’ का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया।प्रोजेक्टर पर संदकृत दिनचर्या एवं शिक्षाप्रद प्रसंग दिखाए गए ।
सम्मेलन में गुना,बमोरी,चांचौड़ा,आरोन,राघोगढ़ से अनेक विद्वान,शिक्षक,जनसामान्य गण उपस्थित हुए।
मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न से किया गया ।सम्मेलन में संस्कृत भारती,विद्या भारती,गायत्री परिवार, पंतजलि योग केंद्र,स्वामी विवेकानंद युवा मंच, विद्यालय,विश्व गीता प्रतिष्ठानम,सेवा भारती,सहकार भारती, स्वदेशी मंच,संघ दर्शन आदि प्रदर्शनियां लगाई गईं।समापन सत्र के मुख्य वक्ता संस्कृत भारती के कार्यलय मंत्री ब्रजेश साहू ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर भोजन किया यह प्रकृति है,भोजन दूसरे का छीन कर किया यह विकृति है;आपस में साथ बांटकर खाना संस्कृति है।संस्कृत भारती दैनिक,मासिक,षड मासिक शिबिर के माध्यम से,पत्राचार द्वारा,शिक्षक प्रशिक्षण वर्ग,बालकेन्द्र, सरल संस्कृत परीक्षा द्वारा संस्कृत शिक्षण करती है।
विद्या भारती के प्रांत सचिव शिरोमणि दुबे ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि संस्कृत भाषा से विश्व की कई विशिष्ट भाषाएं निकली हैं।अंग्रेजी उन विशिष्ट भाषाओं में कहीं नहीं है।भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है या इस देश मे गंगा बहती है;मात्र ऐसे ही किसी कारण से भारत बड़ा नहीं है;अपितु यहां की संस्कृति सर्वोच्च है,यह संस्कृति संस्कृत वाङ्गमय में समाहित है इसलिए इस देश की संस्कृति को बचाए रखने के लिए संस्कृत का पुरुत्थान आवश्यक है।
समस्त सहयोगी संस्थाओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गए।आयोजन समिति के सचिव एवं एकल विद्यालय के भाग प्रभारी महेश सोलंकी ने सभी के प्रति आभार ज्ञापित किया।

संस्कृत सम्मेलन 21 को, सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल महावीर पुरा में होगा आयोजन

गुना। संस्कृत भारती द्वारा रविवार 21 मार्च को महावीर पुरा सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में जिला संस्कृत सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। जिला सम्मेलन को लेकर आयोजन समिति तैयारियों में जुटी हुई है। आयोजन समिति के मुताबिक रविवार को होने वाला संस्कृत सम्मेलन अलग-अलग सत्रों में संपन्न होगा। उदघाट्न सत्र में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री मुख्य अथिति के रुप में शामिल होंगे। इस सत्र के मुख्य वक्ता संस्कृत भारती के प्रांत संगठन मंत्री नीरज दीक्षित रहेंगे। जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता कैलाश नारायण मीणा रिटा. संयुक्त आयुक्त (जीएसटी) द्वारा की जाएगी। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती संतोष अरोरा मंचासीन रहेंगी।इसी तरह आगे के सत्र चलेंगे। समापन सत्र में स्थानीय विधायक मुख्य अथिति के रुप में मौजूद रहेंगे। इस सत्र की अध्यक्षता श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर के महंत संत सियारामदास महाराज के द्वारा की जायेगी। जबकि विशिष्ट अतिथि परमाल सिंह रघुवंशी जिला संघचालक आर‌एस‌एस रहेंगे। सत्र के मुख्य वक्ता नीरज दीक्षित ही रहेंगे। आयोजन समिति ने सभी संस्कृत प्रेमियों से जिला सम्मेलन में शामिल होकर इसे सफल बनाने का आग्रह किया है।

इण्डस्ट्रियल विजिट पर गुना आये फतेहगढ़ के छात्र-छात्राऐं

गुना । राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान द्वारा विभिन्न विद्यालयों में बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के लिये विभिन्न कोर्स संचालित किये जा रहे है। जिला गुना से लगभग 50 किमी दूर स्थित बमोरी ब्लाॅक के फतेहगढ़ अंचल के आस-पास के ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के अध्ययन के लिए एक मात्र हायरसेकण्डरी स्कूल शा.उ.मा.वि. फतेहगढ़ है जिसमें कक्षा 9 से कक्षा 12 तक के बच्चे अध्ययन करते है। वर्ष 2017 से विद्यालय में दो वोकेशनल कोर्स ब्यूटी एण्ड वेलनेस एवं फिजीकल एजुकेशन एण्ड स्पोर्टस संचालित किये जा रहे है जिसमें ब्यूटी एण्ड वेलनेस कोर्स में सत्र 2017-18 में 34 बच्चों द्वारा प्रवेश लिया गया था वर्तमान सत्र 2020-21 में उक्त ट्रेड में प्रवेश लेने वाले बच्चों की संख्या 140 हो गई है एवं फिजीकल एजुकेशन एण्ड स्पोर्टस में बच्चों की संख्या 51 है।वोकेशनल छात्र-छात्राओं को प्रतिवर्ष इण्डस्ट्रीयल विजिट पर अलग-अलग इण्डस्ट्रीयों का भ्रमण कराकर उनके ज्ञान-कौशल में वृद्धि की जाती है। इसी तारतम्य में दिनांक 18 मार्च 2021 को फतेहगढ़ के फिजीकल एजुकेशन एवं ब्यूटी एण्ड वेलनेस की छात्र-छात्राऐं गुना पधारे। ब्यूटी वेलनेस की छात्राऐं स्थानीय चैधरन काॅलोनी, गुना स्थित स्टूडियों 11 पर पहुंची। स्टूडियों 11 गुना शहर का प्रख्यात ब्यूटी पार्लर है जहां पर पार्लर की सभी प्रकार की सुविधाऐं उपलब्ध कराई जाती है। स्टूडियों 11 में छात्राओं को मेकअप के बारे में प्रेक्ट्रीकल जानकारी दी गई जिसे छात्राओं ने रोचक तरीके से समझा। इसके तुरंत बाद स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर महावीरपुरा में छात्र-छात्राओं ने स्कूल का भ्रमण किया एवं सरस्वती स्कूल की अटल टिकलीग (ATL) लेब में स्कूल के बच्चों के द्वारा तैयार प्रोजेक्टों को देखा और उनके बारे में जानकारी प्राप्त की गई। इस अवसर पर सरस्वती स्कूल में शिक्षा विभाग के अधिकारी ए.डी.पी.सी. आशीष टांटिया ,  एस.के. शिवहरे, एक्सीलेंस स्कूल, गुना के प्राचार्य  आसिफ खान , सरस्वती स्कूल के प्राचार्य अंकित शुक्ल ,  सदाकत खान आदि लोग पधारे एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। उक्त अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य भगवत प्रसाद ओझा की ओर से कार्यक्रम में पधारे हुए अतिथियों का माल्यापर्ण द्वारा स्वागत किया गया। कार्यक्रम में सर्वप्रथम आसिफ खान द्वारा बच्चों को संबोधित करते हुए उनसे उनके माता-पिता  द्वारा की गई अपेक्षा एवं उन्हें अपने लक्ष्यों को कैसे प्राप्त करना है पर प्रकाश डाला एवं बच्चों को आगामी परीक्षाओं में अच्छे अंक लाने हेतु प्रेरित किया गया। उक्त कार्यक्रम में एस.के. शिवहरे जी द्वारा बच्चों को व्यवसायिक शिक्षा को अपने जीवन में उतारकर अपने कौशल को निखाकर जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी गई। कार्यक्रम के अंत में आशीष टांटिया द्वारा व्यवसायिक शिक्षा पर प्रकाश डाला गया और उन्हें बताया गया कि जिले के 129 स्कूलों में से मात्र 19 स्कूलों में उक्त कोर्स संचालित किया जा रहा है आप लोग खुशकिस्मत है कि आप व्यवसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे है एवं आप अपनी रूचि अनुसार अपने व्यक्तिगत कोशल में पारंगत हो रहे है। उन्होंने  यह भी जानकारी दी कि शासन द्वारा वोकेशनल कोर्स को कक्षा 6 से चालू किया जा रहा है अब बच्चें छोटी उम्र से ही अपनी रूचि अनुसार कोर्सों की टेनिंग लेकर अपने भविष्य के संवार सकेंगे। विद्यालय की ओर से वोकेशनल टीचर कु. पूजा चैहान, श्रीमती लक्ष्मी पाराशर, कमलेश बसंल सी.ए.सी. बच्चों के साथ भ्रमण पर गुना लाकर उन्हें भ्रमण कराकर उपयोगी जानकारी प्रदान करवाई गई। कार्यक्रम के अंत में पधारे हुए अतिथियों का आभार विद्यालय के प्राचार्य भगवत प्रसाद ओझा द्वारा व्यक्त किया गया।

नोवल कोरोना वायरस के मद्देनजर धारा 144 अंतर्गत प्रतिबंध लगाए गए, उल्‍लंघन पर होगी आपदा प्रबंधन के प्रावधानों के तहत कार्रवाई

गुना । जिले में नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण के रोकथान एवं बचाव के संबंध में म0प्र0 शासन गृह विभाग मंत्रालय वल्‍लभ भवन भोपाल तथा नगरीय विकास एवं आवास विभाग भोपाल के निर्देशों के क्रम में जिला क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक दिनांक 17 मार्च 2021 में कमेटी के सदस्‍यों से हुई चर्चा एवं प्राप्‍त सुझावों के आधार पर जन सामान्‍य के स्‍वास्‍थ्‍य हित एवं लोक शांति बनाए रखने हेतु लिये गये निर्णय अनुसार जिला दण्‍डाधिकारी कुमार पुरूषोत्‍तम द्वारा सम्‍पूर्ण गुना जिले में धारा 144 अंतर्गत प्रतिबंध लगाये गए हैं। इस आशय के जारी आदेश में उन्‍होंने जिले के समस्‍त क्षेत्रों में दुकानों एवं व्‍यवसायिक प्रतिष्‍ठानों में रस्‍सी के माध्‍यम से अथवा चूने के गोले बनाकर सोशल डिस्‍टेंसिंग सुनिश्चित कराई जाने, साथ ही दुकानों एवं प्रतिष्‍ठानों में आने वालों के लिए मास्‍क का इस्‍तेमाल प्रतिष्‍ठान द्वारा सुनिश्चित जाने तथा इनका पालन नहीं करने वाले प्रतिष्‍ठानों पर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करने, नगरीय निकाय एवं पुलिस के वाहनों में लाउडस्‍पीकरों के माध्‍यम से कोरोना के प्रकरण में वृद्धि के परिप्रेक्ष्‍य में कोविड-19 से बचाव हेतु अनिवार्यत: मास्‍क लगाने एवं सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने रोको-टोको संबंधी संदेश आवश्‍यक रूप से प्रसारित किए जाने के आदेश दिए हैं। उन्‍होंने जिले के शहरी क्षेत्रों में चौराहों पर लाउडस्‍पीकर से मास्‍क के उपयोग करने एवं सामाजिक दूरी के पालन करने के संबंध में उदघोषणा की व्‍यवस्‍था सुनिश्चित करने, मास्‍क पहनने का सख्‍ती से पालन कराया जाने, स्‍थानीय निकायों द्वारा मास्‍क न पहनने वालों पर 100 रूपये स्‍पॉट फाइन अधिरोपित कर वसूल किया जाने एवं मास्‍क न पहनने पर स्‍पॉट फाइन नहीं देने वाले व्‍यक्तियों की वीडियोग्राफी कराकर संबंधित थाने को उक्‍त वीडियो उपलब्‍ध कराया जाने ताकि पहचान कर आगामी वैधानिक कार्यवाही की जा सके, के आदेश दिए हैं । उन्‍होंने महाराष्‍ट्र राज्‍य से आने वाले समस्‍त नागरिकों को कोविड-19 के आरटीपीसीआर टेस्‍ट की अधिकतम 3 दिवस के अन्‍दर की निगेटिव रिपोर्ट के बिना जिले के किसी भी होटल, लॉज, धर्मशाला इत्‍यादि में प्रवेश नहीं दिये जाने एवं घरों पर महाराष्‍ट्र राज्‍य से आने वाले परिजनों को न्‍यूनतम 7 दिवस के लिये होम क्‍वारेंटाईन किया जाने, प्रत्‍येक होटल, लॉज, धर्मशाला एवं हॉस्‍टल संचालकों एवं नागरिकों द्वारा उक्‍त का पालन नहीं करने पर उनके विरूद्ध सुसंगत वैधानिक प्रावधानांतर्गत कार्यवाही करने तथा जिले की सीमा में होली के जुलूस, गैर एवं मेले आदि का आयोजन प्रतिबंधित किया है । उन्‍होंने निर्देशित किया है कि जारी दिशा-निर्देशों का उल्‍लंघन करने वाले व्‍यक्तियों के विरूद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा (51 से 60) आई.पी.सी. की धारा 188 एवं अन्‍य उपयुक्‍त कानूनी प्रावधानों की सुसंगत धाराओं के अन्‍तर्गत वैधानिक एवं दाण्डिक कार्यवाही की जाएगी। जारी आदेश सर्व-साधारण को संबोधित है और चूँकि इसकी तामीली प्रत्‍येक व्‍यक्ति पर सम्‍यकरूपेण कराया जाना एवं सुनवाई किया जाना संभव नहीं है। अत: दण्‍ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144(2) के अन्‍तर्गत यह आदेश एक पक्षीय रूप से पारित किया गया है। इस आशय का जारी आदेश तत्‍काल प्रभाव से आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा।

गुना नगर में कोरोना वायरस के मद्देनजर धारा 144 अंतर्गत प्रतिबंधात्‍मक आदेश जारी

गुना । म0प्र0 शासन गृह विभाग मंत्रालय वल्‍लभ भवन भोपाल के तथा नगरीय विकास एवं आवास विभाग भोपाल द्वारा जिले में नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण के रोकथान एवं बचाव के संबंध में दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। जारी निर्देशों के क्रम में कोरोना वायरस के संक्रमण के रोकथान के लिये तथा लोक जीवन की सुरक्षा हेतु गुना नगरपालिका क्षेत्र में द0प्र0संहिता 1973 की धारा 144(1) के अन्‍तर्गत जिला दण्‍डाधिकारी श्री कुमार पुरूषोत्‍तम द्वारा प्रतिबंधात्‍मक आदेश जारी किये गये हैं। जारी प्रतिबंधात्‍मक आदेश में उन्‍होंने गुना नगर पालिका सीमा के अन्‍तर्गत निवास करने वाले सभी व्‍यक्तियों को घरों से बाहर निकलने पर मास्‍क अथवा गमछा पहनकर ही निकलना अनिवार्य किया है, मास्‍क और गमछे से मॅुह और नाक को पूर्ण रूप से कवर करना अनिवार्य किया है। उन्‍होंने गुना नगर पालिका सीमा के अन्‍तर्गत निवासरत व्‍यक्तियों एवं व्‍यापारियों को घरों, कॉलोनियों, बाजार, हाट बाजार इत्‍यादि सभी सार्वजनिक जगहों पर सोशल डिस्‍टेंसिंग के निर्धारित नियमों का अनिवार्य पालन करने, गुना नगर पालिका सीमा क्षेत्र के सभी रहवासियों को मास्‍क पहनने की अनिवार्यता को भलीभांति समझनें एवं उसका पालन करना प्रारंभ करने, 21 मार्च 2021 से ऐसे सभी रहवासियों को मास्‍क के बिना घूमते हुये पाये जाने अथवा समस्‍त व्‍यवसायियों के सोशल डिस्‍टेंसिंग के नियमों का पालन नहीं करता हुये पाये जाने पर ऐसे समस्‍त उल्‍लंघनकर्ताओं को उनके आचरण में आवश्‍यक सुधार किये जाने आदेशित किया है। उन्‍होंने अस्‍थाई जेल में दोपहर 03:00 बजे तक निरूद्ध/बंद किया जाने आदेशित किया है। उन्‍होंने इस हेतु कारागार अधिनियम 1894 की धारा 07 के अन्‍तर्गत एवं दण्‍ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 417 के तहत राज्‍य शासन की स्‍वीकृति की प्रत्‍याशा में अंबेडकर भवन, गुना को अस्‍थाई जेल घोषित किया है। उन्‍होंने अस्‍थाई जेल अंबेडकर भवन गुना में निरूद्ध ऐसे समस्‍त उल्‍लंघनकर्ताओं को मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी गुना को स्‍वसहायता समूहों के माध्‍यम से सशुल्‍क मास्‍क वितरित कराये जाने की व्‍यवस्‍था सुनिश्चित करने, पुलिस अधीक्षक गुना को ऐसे समस्‍त उल्‍लंघनकर्ताओं के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के लिये डीएसपी/टी0आई0 स्‍तर के अधिकारियों की दिनवार ड्यूटी लगाया जाना एवं उल्‍लंघनकर्ताओं को अस्‍थाई जेल में पहॅुचाने हेतु आवश्‍यक जेल वाहन सुविधा उपलब्‍ध कराने, मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिक परिषद गुना को अधिकारियों की दिनवार ड्यूटी उनके गैंग एवं वाहन के साथ गठित टीम को आवश्‍यक सहयोग प्रदान करना सुनिश्चित करने तथा अंबेडकर भवन (अस्‍थाई जेल) में कुर्सी, टेबिल, विघुत एवं पानी पिलाने की व्‍यवस्‍था सुनिश्चित  करने निर्देशित किया है। उन्‍होंने जारी आदेश का पालन करने हेतु कार्यपालिक दण्‍डाधिकारियों की सोमवार तथा मंगलवार हेतु संदीप श्रीवास्‍तव, तहसीलदार गुना बुधवार एवं गुरूवार हेतु श्रीमती लीना जैन, तहसीलदार गुना ग्रामीण तथा शुक्रवार, शनिवार तथा रविवार हेतु रमाशंकर सिंह नायब तहसीलदार गुना वृत्‍त उमरी की ड्यूटी लगाई है। उन्‍होंने निर्देशित किया है कि दिनवार नियुक्‍त अधिकारी, ऐसे समस्‍त उल्‍लंघनकर्ताओं को अनुविभागीय दण्‍डाधिकारी/कार्यपालिक दण्‍डाधिकारियों से समन्‍वय स्‍थापित कर अस्‍थाई जेल में पहॅुचाना सुनिश्चित करेंगे। जारी शर्तों का उल्‍लंघन पाये जाने पर धारा 188 भा0दं0सं0, डिजास्‍टर मेनेजमेंट एक्‍ट 2005 की धारा 51 से 60 एवं The Epidemic Diseases Act-1897 के प्रावधानों एवं आईपीसी 1860 की सुसंगत धाराओं के तहत वैधानिक कार्यवाही की जाए। जारी आदेश सर्व-साधारण को संबोधित है और चूँकि इसकी तामीली प्रत्‍येक व्‍यक्ति पर सम्‍यकरूपेण कराया जाना एवं सुनवाई किया जाना संभव नहीं है। अत: दण्‍ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144(2) के अन्‍तर्गत यह आदेश एक पक्षीय रूप से पारित किया गया है। जारी आदेश 21 मार्च 2021 से आगामी आदेश तक तत्‍काल प्रभाव से प्रभावशील रहेगा। 

गुना शहर में वाहन धुलाई सेंटर कराए वंद

गुना । कलेक्टर कुमार पुरूषोत्‍तम के आदेशानुसार गुना शहर को जल अभावग्रस्त घोषित किया गया है। उक्त संबंध में कलेक्टर द्वारा जारी निर्देशानुसार शहर में संचालित वाहन धुलाई सेंटरों को बंद किया गया है। नगर पालिक परिषद गुना द्वारा आज प्रातः काल से ही नगरपालिका टीम द्वारा प्रत्येक धुलाई सेंटर पर जाकर उन्हें समझाइश दी गई, जल के अपव्यय को रोकने हेतु समझाया गया तथा धुलाई सेंटर बंद करने हेतु निर्देश दिए गए।
इस दौरान कॉपरेटिव बैंक के सामने संचालित सभी धुलाई सेंटर, नानाखेड़ी मंडी तथा गोपालपुरा रोड पर संचालित धुलाई सेंटरों को बंद कराया गया। इस अवसर पर उपयंत्री नितिन चंदेल, अमिता आर्य, दीपक धाकड़ शकील खान आदि उपस्थित रहे।

बिना खाद्य लायसेंस-पंजीकरण के खाद्य कारोबार का संचालन करते पाये जाने पर सजा एवं जुर्माने का प्रावधान, खाद्य लायसेंस-पंजीकरण हेतु कैंप 18 को

गुना । अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा प्रशासन डॉ.पी.बुनकर ने बताया कि जिले में खाद्य कारोबारकर्ताओं द्वारा अपना खाद्य व्यापार संचालन हेतु खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत खाद्य लायसेंस/पंजीकरण कराना अनिवार्य है। ऐसे खाद्य कारोबारकर्ता जिनके खाद्य व्यापार का वार्षिक टर्नओवर 12 लाख रूपये से कम है, उन्हें खाद्य पंजीकरण कराना आवश्‍यक होता है। जबकि ऐसे खाद्य कारोबारकर्ता जिनके खाद्य व्यापार का वार्षिक टर्नओवर 12 लाख रूपये से अधिक है, उन्हें अपने खाद्य कारोबार का खाद्य लायसेंस बनवाना होता है। खाद्य लायसेंस/पंजीकरण का आवदेन ऑनलाईन किया जा सकता है।
उन्‍होंने बताया कि खाद्य कारोबारियों की सुविधा की हेतु कार्यालय अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा प्रशासन जिला गुना द्वारा खाद्य लायसेंस/पंजीकरण कैम्प का आयोजन 18 मार्च 2021 को रेडक्रास भवन, जिला चिकित्सालय परिसर गुना में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक किया जाएगा। ऐसे खाद्य कारोबारकर्ता जिन्होंने अपने खाद्य कारोबार का अभी तक खाद्य लायसेंस/पंजीकरण नहीं करवाया है अथवा जिनके खाद्य पंजीकरण की अवधि निकल गयी है, वे सभी खाद्य कारोबारी कैम्प के माध्यम से आवेदन कर अपने खाद्य कारोबार का पंजीकरण करा सकते हैं। बिना खाद्य लायसेंस/पंजीकरण के खाद्य कारोबार का संचालन करते पाये जाने पर अधिनियम में सजा एवं जुर्माना का प्रावधान है।