80 वर्ष की वृद्ध महिला के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने वाले, आरोपी को आजीवन कारावास

सागर। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश सागर के न्यायालय ने 80 साल की वृद्धा के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने वाले आरोपी वीरेन्द्र पिता निरपत आदिवासी को दोषी पाते हुए आजीवन एवं 5 हजार रूपये का अर्थदण्ड से दंडित किया गया। प्रकरण में राज्य शासन की ओर से उप-संचालक (अभियोजन) अनिल कटारे  द्वारा पैरवी की गई। मीडिया प्रभारी ए.डी.पी.ओ. सौरभ डिम्हा ने बताया दिनांक 11.01.2019 को फरियादी ने थाना उपस्थित होकर रिपोर्ट लेख कराई कि उसकी मां जिसकी उम्र 80 साल है खेत पर टपरा बनाकर रहती थी, घटना दिनांक को जब सुवह फरियादी ने जाकर देखा तो उसकी मां मृत अवस्था में पडी थी एवं मुंह से खून निकल रहा था एवं पास में किसी अज्ञात व्यक्ति के जूते डले थे। उक्त रिपोर्ट पर मर्ग कायम कर मृतिका का पी.एम. कराया गया एवं बैंजाइल स्लाइड जप्त कर एफ.एस.एल. सागर को भेजा गया जिसमें वैज्ञानिक अधिकारी द्वारा वैजाइल स्लाइड में मानव शुक्राणु का पाया जाना लेख किया गया। पी.एम. रिपोर्ट एवं एफ.एस.एल. रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान इसी थाने के पाॅक्सो के आरोपी वीरेन्द्र आदिवासी की डी.एन.ए. रिपोर्ट एवं  इस मामले के आरोपी की डी.एन.ए. रिपोर्ट एक ही पाये जाने पर, केन्द्रीय जेल सागर में परीरूद्ध आरोपी वीरेन्द्र आदिवासी को पी.आर. पर लेकर पूछताछ की गयी एवं मामले की जांच की गयी जांच में आरोपी के विरूद्ध अपराध सिद्ध पाये जाने पर प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया विवेचना के दौरान मर्ग इंटीमेशन, नक्सा मौका, एफ.एस.एल परीक्षण रिपोर्ट, डाॅक्टर की क्योरी रिपोर्ट, जप्ती रिपोर्ट, धारा 164 के कथन तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित की गयी। विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उप-संचालक (अभियोजन) अनिल कटारे द्वारा प्रकरण में अभियोजन साक्षियों को परीक्षित कराया व अन्य साक्ष्य को सूक्ष्मता से प्रस्तुत किया गया एवं महत्वपूर्ण तर्क प्रस्तुत किये गये। प्रकरण में सहयोग सहा. जिला अभियोजन अधिकारी सौरभ डिम्हा द्वारा किया गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण के तथ्य परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए व अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी वीरेन्द्र पिता निरपत आदिवासी को दोषी पाते हुए 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रूपये का अर्थदण्ड धारा 376 भादवि में दोषी पाते हुए 14 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000 रूपये का अर्थदण्ड और धारा 302 भादवि में दोषी पाते हुए आजीवन एवं 5000 रूपये का अर्थदण्ड से दंडित किया गया। प्रकरण में यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि पूर्व में आरोपी वीरेन्द्र आदिवासी को थाना सानौधा के अपराध  पाॅक्सो में विशेष न्यायालय (पाॅक्सो) द्वारा आरोपी को मृत्यूदंड से दंडित किया गया था। 

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