व्यापारी का अपहरण कर डेढ़ करोड़ फिरौती की मांग करने वाले 05 आरोपीयों को आजीवन कारावास

जावद।  व्यापारी का अपहरण करके उसके डेढ़ करोड़ रूपये की फिरौती की मांग करके 35 लाख रूपयों की फिरौती वसुलने वाले 05 आरोपीगण  विक्रम उर्फ विक्की पिता विष्णु प्रसाद पुरोहित, आयु-32 वर्ष, निवासी-ग्राम घसुण्डी बामनी, जिला नीमच , मानसिंह पिता मोहनलाल जाट, आयु-30 वर्ष, निवासी-जाट मोहल्ला खोर, जिला नीमच,  सूरज पिता मनोहरलाल सरगरा, आयु-24 वर्ष, निवासी-ग्राम केसरपुरा, थाना जावद जिला नीमच,  महेश पिता विनोद दमामी, आयु-22 वर्ष, निवासी-ग्राम केसरपुरा थाना जावद जिला नीमच तथा  प्रहलाद पिता घीसालाल सरगरा, आयु-25 वर्ष, निवासी-ग्राम केसरपुरा, थाना जावद जिला नीमच धारा 364क, 365, 120बी, 323/34, 506(2) भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत आजीवन कारावास व 25000-25000रू. जुर्माने से दण्डित किया।अपर लोक अभियोजक अरविन्द शर्मा, द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 1 वर्ष पूर्व दिनांक 29.06.2021 को शाम के लगभग 06ः30 बजे की होकर थाना जावद क्षैत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मोरवन स्थित मोरवन चादर की घटना हैं। फरियादी मनोज उर्फ बंटी कसेरा जो कि ग्राम मोरवन में बर्तन विक्रय का व्यवसाय करता हैं, प्रतिदिन की तरह मोटरसायकल से मोरवन चादर पर घुमने के लिये गया था, जहाँ पर दो लड़के आये व फरियादी को पिस्टल दिखाते हुवे डरा-धमकाकर एक आई-10 कार में ले गये जिसमें पहले से ही 3 और लड़के बैठे थे। इन्होंने फरियादी को जबरन कार में बैठाया व उसकी आँखो में मिर्ची डालकर आँखो पर पट्टी बाँध दी। पाँचो आरोपीगण फरियादी को 2-3 घण्टे कार में घुमाते हुवे उसको एक सुनसान खेत के सुखले से भरे हुवे कमरे में बंद कर दिया, जहाँ उन्होंने उसके साथ मारपीट करते हुवे धमकी दी कि यदि डे़ढ करोड़ फिरौती के दिये तो वह उसे छोड़ेंगे नहीं  तो वह उसे जान से खत्म कर देंगे। फरियादी द्वारा कहा गया कि वह छोटा व्यापारी हैं, उसके पास इतने रूपये नहीं हैं तो 35 लाख रूपये दिये जाने का तय हुवा। दिनांक 30.06.2021 को सुबह के 5 बजे फरियादी की पत्नी को फोन लगाकर रूपयों की माँग किये जाने पर फरियादी का पुत्र एक काले बैग में 25 लाख रूपये नगद व 10 लाख के गहने, इस प्रकार कुल 35 लाख रूपये खोर स्थित बालाजी मंदिर पर आकर आरोपीयों को दे गया। इसके पश्चात् आरोपीगण द्वारा फरियादी को केसुन्दा-छोटी सादड़ी सुनसान रोड़ पर छोड़ कर चले गये। आरोपीगण द्वारा फरियादी को दी गई जान से मारने की धमकी से वह डर गया था जिससे वह डर गया था किन्तु परिवारवालों व दोस्तो के समझाये जाने पर उसने दिनांक 01.08.2021 को थाना जावद में अज्ञात आरोपीयों के विरूद्ध रिपोर्ट लिखाई, जिस पर से अपराध क्रमांक 400/2021, धारा 364क, 365, 120बी, 323/34, 506(2) भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध की गई। पुलिस थाना जावद में पदस्थ एएसआई रामपालसिंह राठौर ने विवेचना के दौरान मुखबीर सूचना के आधार पर यह पता लगाया कि संदेही आरोपीगण आय से अधिक खर्चा कर रहे हैं तथा उनके पास सफेद आई-10 कार भी हैं। इस आधार पर आरोपीगण से पुछताछ कर उनको गिरफ्तार कर उनके कब्जे से प्रत्येक के हिस्से में आये नगद रूपये व फरियादी के जेवरों को जप्त किया गया। आरोपी महेश के कब्जे से घटना में प्रयोग की गई पिस्टल को भी जप्त करते हुवे विवेचना उपरांत अभियोग-पत्र जावद न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन द्वारा न्यायालय में विचारण के दौरान फरियादी, विवेचक, जप्ती अधिकारी, आरोपी व जेवरों की शिनाख्तगी करवाने वाले अधिकारीगण सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराये गये। फरियादी पक्ष द्वारा आरोपीगण की पहचान से इंकार किये जाने के बावजूद भी शिनाख्तगी व अनुसंधानकर्ता द्वारा की कार्यवाहीयों को विश्वसनीय मानते हुवे आरोपीगण के विरूद्ध अपराध को प्रमाणित पाया। श्री अरविन्द शर्मा, अपर लोक अभियोजक द्वारा घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपीगण को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा इस प्रकार के अपराधों पर अंकुश लगाये जाने के उदद्ैश्य से आरोपीगण को धारा 364क, 365, 120बी, 323/34, 506(2) भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 25,000-25,000रू. जुर्माने से दण्डित किया गया। आरोपी महेश को धारा 25 आयुध अधिनियम, 1959 के अंतर्गत अतिरिक्त 1 वर्ष के सश्रम कारावास व 1000रू. जुर्माने से दण्डित किया गया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक अरविन्द शर्मा,  द्वारा की गई।

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